एचडीएफसी लिमिटेड को 3,700 करोड़ रुपये का फायदा, 16 फीसदी बढ़ा  

मुंबई- देश के सबसे बड़े मॉर्गेज लेंडर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) लिमिटेड ने सोमवार को चौथी तिमाही (जनवरी 2022-मार्च 2022) के नतीजे घोषित किए। इस तिमाही में HDFC ने 16% की बढ़ोतरी के साथ 3,700 करोड़ रुपए का शुद्ध फायदा दर्ज किया है।  

पिछले साल की इसी अवधि में यह 3,180 करोड़ था। पिछले महीने, HDFC बैंक और HDFC ने मर्जर की भी घोषणा की थी। HDFC के नतीजे बाजार अनुमानों से थोड़ा बेहतर रहे हैं। इस कारण कंपनी का शेयर 1.31% बढ़कर 2,259.00 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने वित्तवर्ष 2021-22 के लिए 30 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है।  

पिछले साल कंपनी ने 23 रुपए का डिविडेंड घोषित किया था। बोर्ड ने रेणु सूद को 2 साल के लिए या जब तक कंपनी का HDFC बैंक में विलय नहीं हो जाता, तब तक एमडी के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी है। HDFC की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। ग्रॉस इंडिविजुअल नॉन-परफॉर्मिंग लोन्स (NPLs) इंडिविजुअल पोर्टफोलियो का 0.99% रहा, जबकि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग नॉन-इंडिविजुअल लोन्स नॉन-इंडिविजुअल पोर्टफोलियो का 4.76% रहा।  

31 दिसंबर 2021 की तुलना में ये काफी अच्छा सुधार है। 31 दिसंबर को खत्म तिमाही में ग्रॉस इंडिविजुअल NPL 1.44% और ग्रॉस नॉन-इंडिविजुअल NPL नॉन-इंडिविजुअल पोर्टफोलियो का 5.04% था। मार्च 2022 को खत्म वित्त वर्ष के दौरान डिसबर्समेंट में पिछले साल की तुलना में 37% की बढ़ोतरी हुई है। इंडिविजुअल लोन एवरेज साइज 33 लाख रुपए रहा।  

पिछले साल यह 29.5 लाख रुपए था। वहीं मार्च तिमाही में ये 34.7 लाख रुपए रहा। HDFC ने कहा कि होम लोन की मांग और लोन एप्लीकेशन्स की उसकी पाइपलाइन बनी बनी हुई है। 91% नए लोन एप्लीकेशन डिजिटल चैनलों के माध्यम से मिले हैं।  

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