बीमा के गारंटीड रिटर्न में बहुत होता है नुकसान, जानिए क्यों नहीं लेना चाहिए यह प्लान 

मुंबई- बाजार में बीमा के तमाम उत्पाद भरे पड़े हैं। कुछ अच्छे होते हैं तो कुछ में छिपी हुई शर्तें और अन्य चीजें होती हैं। पर ज्यादातर लोग गारंटीड रिटर्न वाले उत्पाद पर भरोसा करते हैं।  

वैसे तो आमतौर पर यही माना जाता है कि बीमा निवेश के साधन के रूप में सबसे खराब उत्पाद है। लेकिन जोखिम को कवर करने और स्वास्थ के मामले में इसके जैसा बेहतरीन उत्पाद भी नहीं है। अगर आपने गाड़ी ली है, या आपने कोई कीमती चीज ली है या आपको लगता है कि किसी तरह का जोखिम दिख रहा है तो आप इसके लिए एक रिस्क कवर का बीमा ले सकते हैं और लेना भी चाहिए।  

उदाहरण के तौर पर आपकी कार हो सकती है, आपका अच्छा खासा घर हो सकता है और फिर आपके गहने भी हो सकते हैं। इसी तरह आज जब कोविड जैसी तमाम बीमारियों से लोग जूझ रहे हैं तो आपको एक स्वास्थ्य बीमा बहुत जरूरी है। कोविड न भी हो तो भी यह रोटी, कपड़ा और मकान की तरह एक जरूरी चीज है। क्योंकि कभी भी बीमारियां या दुर्घटना बता कर नहीं आती हैं। यह अचानक आती हैं और आपकी पूरी बचत तो खत्म कर ही देगी, साथ ही आपको एक भारी-भरकम कर्ज में भी डाल देगी। इसलिए बीमा जरूरी है।  

इसी तरह एक टर्म इंश्योरेंस भी आपके लिए जरूरी है। यह इसलिए क्योंकि कभी कोई अनहोनी होने पर आपके परिवार को यह वित्तीय रूप से सुरक्षा देता है और आपके परिवार को किसी और पर निर्भर होने से बचाता है। पहले तो आप यह समझें कि जिसे आप गारंटीड रिटर्न मानकर खरीद रहे हैं, वह सही नहीं है। प्रीमियम के अलावा जो खर्च है वह कि आपको पहले साल के लिए 4.5 फीसदी जीएसटी देना होता है। फिर दूसरे साल से 2.25 फीसदी देना होता है। यानी इसे एक तरीके से प्रवेश शुल्क कह सकते हैं जो कि आपको देना होता है।  ॉ 

आप जब बीमा कंपनी की मार्केटिंग सामग्री को पढ़ेंगी तो समझ में आएगा। यहां पर जो गारंटी रिटर्न होता है, पॉलिसी के कागजात में यह उससे कम होता है। यह इसलिए क्योंकि लॉयल्टी बोनस का अंतर होता है। लॉयल्टी बोनस तब मिलता है, जब यह मान लिया जाए कि बीमा कंपनी अतिरिक्त फायदा कमाएगी और उसे निवेशकों को देगी। 

उदाहरण के तौर पर मार्केटिंग सामग्री में सालाना गारंटीड आय 7.8 लाख रुपये बताई गई है तो पॉलिसी के कागज में यह 5.78 लाख रुपये हो सकती है। साथ ही इस तरह के उत्पाद पर मामूली सुरक्षा मिलती है, जबकि आपके सालाना खर्च का कम से कम 20-25 गुना की आपको सुरक्षा चाहिए। 

गारंटीड रिटर्न में आपको कम समय या एक साल के लिए कोई उत्पाद नहीं मिलेगा। आपको लंबे समय के लिए इसका भुगतान करना होता है। इस आधार पर आपको सालाना 5 से 6 फीसदी का रिटर्न इस उत्पाद पर मिलता है। ऐसे में अगर आप इन पैसों को कर मुक्त बांड्स, डेट म्यूचुअल फंड में लगाते हैं तो आपको गारंटीड रिटर्न की तुलना में ज्यादा फायदा मिलेगा। 

अगर वही पैसा शेयर बाजार में लगाया जाए तो आपको बेहतरीन रिटर्न मिलता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप 1982 में सेंसेक्स में 2008 तक पैसा लगाए होते तो आपको गारंटीट रिटर्न में 100 रुपए के फायदे की जगह सेंसेक्स में यह 1400 रुपये हो जाता। यानी करीबन 14 गुना ज्यादा का फायदा। 

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