महंगाई से सरकार का खजाना भरा, जीएसटी पहुंचा 1.67 लाख करोड़ रुपये

मुंबई- सरकार लगातार महंगाई से अपना खजाना भर रही है। दरअसल कोई भी सामान या सेवा जितनी महंगी होगी, उतना ही जीएसटी ज्यादा देना होता है। यही कारण है कि जब मार्च में थोक महंगाई 14 फीसदी के ऊपर पहुंची तो जीएसटी का ऐतिहासिक रिकार्ड बन गया।

मान लीजिए गेहूं की एक बोरी की कीमत मार्च में 300 रुपए प्रति बोरी है तो इस पर 28% GST के हिसाब से 84 रुपए टैक्स लगेगा। वहीं अप्रैल में इसकी कीमत 320 रुपए पर पहुंच जाती है। तक इस पर 90 रुपए टैक्स लगेगा। इससे साफ है कि महंगाई बढ़ने से GST कलेक्शन भी बढ़ता है। हालांकि मांग में कमी आने पर GST कलेक्शन में भी कमी आ सकती है।

भारत ने ग्रॉस GST कलेक्शन में नया रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल 2022 में ग्रॉस GST रेवेन्यू 1,67,540 करोड़ रुपए रहा। इसमें CGST 33,159 करोड़ रुपए, SGST 41,793 करोड़ रुपए, IGST 81,939 करोड़ रुपए और सेस 10,649 करोड़ रुपए है। इससे पहले मार्च में GST कलेक्शन 1,42,095 करोड़ रुपए रहा था।

अप्रैल 2021 की बात करें तो तब 1,39,708 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ था। यानी सालाना आधार पर GST कलेक्शन में 20% बढ़ोतरी हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब GST कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपए से ऊपर निकला है। इससे पहले मार्च में GST कलेक्शन 1,42,095 करोड़ रुपए रहा था, जो इससे पहले किसी भी महीने का सबसे ज्यादा में GST कलेक्शन था।

अक्टूबर में GST कलेक्शन के लिहाज से टॉप-5 राज्यों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। अप्रैल 2022 में महाराष्ट्र में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 35% बढ़कर 27 हजार 495 करोड़ रुपए रहा ,जो पिछले साल 22 हजार 13 करोड़ रुपए रहा था। लिस्ट में कर्नाटक और गुजरात दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.