रतन टाटा ने कहा, जीवन का अंतिम साल स्वास्थ्य को समर्पित करता हूं  

मुंबई- असम में कैंसर के अस्पतालों के उदघाटन पर रतन टाटा भावुक हो गए। रतन टाटा ने कहा कि मैं अपनी जिदंगी के आखिरी साल स्‍वास्‍थ्‍य को समर्पित करता हूं। इससे पहले टाटा ने हिंदी न बोल पाने के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि मै जो भी बोलूंगा, वह मेरे दिल से निकला हुआ।  

टाटा बोले- असम में कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन राज्य के इतिहास के लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं अपने जीवन के अंतिम साल असम को एक पहचान दिलाने के लिए समर्पित करता हूं। मंच पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद थे। 

कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम ही नहीं नॉर्थ ईस्ट में कैंसर एक बहुत बड़ी समस्या रही है। इससे सबसे अधिक हमारे गरीब और मिडिल क्लास परिवार प्रभावित होते हैं। कैंसर के इलाज के लिए कुछ साल पहले तक यहां के पेशेंट्स को बड़े शहरों में जाना पड़ता था। इससे इन परिवारों पर भारी बोझ पड़ता था। इसे दूर करने के लिए बीते 5-6 सालों से जो कदम यहां उठाए गए हैं, उसके लिए मैं सर्वानंद सोनोवाल जी, हेमंता जी और टाटा ट्रस्ट को बहुत साधुवाद देता हूं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि अस्पताल आपकी सेवा के लिए हैं, लेकिन मुझे खुशी तब होगी जब ये खाली ही रहें। मैं असम के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। हमारी सरकार का फोकस योगा, फिटनेस और स्वच्छता पर है। हेल्थ चेकअप के लिए देशभर में नए टेस्टिंग सेंटर्स खोले जा रहे हैं। 

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