अब छोटे शहरों में उतर जाएगा हवाई जहाज, नई सुविधा शुरू 

मुंबई- किसी शहर में हवाई जहाज के उतरने से बड़ी चुनौती होती है एयरपोर्ट बनाना। एयरपोर्ट्स पर तमाम ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है, जिससे हवाई जहाज को उड़ने और लैंड करने में मदद मिलती है। ये सारी तकनीकें भी बहुत महंगी होती है, जिसके चलते एयरपोर्ट सेटअप करना बहुत महंगा पड़ता है। 

हालांकि, भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी एक ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसके चलते छोटी जगहों पर भी हवाई जवाज लैंड कर सकेंगे, क्योंकि इससे तकनीक सस्ती हो जाएगी। इसके चलते भारत अब एशिया का पहला देश बन गया है, जिसके पास सैटेलाइट पर आधारित लैंडिंग सिस्टम है। 

यहां जिस तकनीक की बात की जा रही है, उसका नाम है गगन (GAGAN) तकनीक। भारतीय सिविल एविएशन सेक्टर के इतिहास में यह एक बड़ी उपलब्धि है। इसका सफल परीक्षण राजस्थान के किशनगढ़ में हुआ है। इस तकनीक में जमीनी स्तर पर नेविगेशनल स्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती है, बल्कि यह जीपीसीएस तकनीक का इस्तेमाल करती है। साथ ही यह तकनीक इसरो की तरफ से लॉन्च किए गए गगन जियो स्टेशनरी सैटेलाइट्स का भी इस्तेमाल करती है। 

गगन एक भारतीय सैटेलाइट आधारिक ऑगमेंटेशन सिस्टम है, जिसे भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी और इसरो ने साथ मिलकर डेवलप किया है। गगन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इंडिगो की एक फ्लाइट का ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान वहां पर डीजीसीए की टीम भी मौजूद रही। गगन की मदद से एयरक्राफ्ट उन एयरपोर्ट पर भी लैंड कर सकेंगे, जहां पर महंगा लैंडिंग सिस्टम नहीं लगा है। 

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