एसबीआई ने बताया कैसे आपके एटीएम से हो सकती है धोखाधड़ी, बचने के ये हैं तरीके  

मुंबई- देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों को अपने पैसे की सुरक्षा के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसे नए सिरे से बताया है। SBI ने इन गाइडलाइन्स में अपने ग्राहकों को बताया है कि उन्हें सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं. आइए जानते हैं कि बैंक ने अपने ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन करते समय किन बातों का ध्यान रखने की हिदायत दी है। 

एटीएम मशीनों या POS डिवाइस के माध्यम से एटीएम लेनदेन करते समय अपने आसपास के माहौल से सावधान रहें। पिन डालते समय कीपैड को छिपा लें। लेन-देन करने से पहले हमेशा ई-कॉमर्स वेबसाइटों की ऑथेंटिसिटी को वेरिफाइ करें। ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से अपने डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन को मैनेज करें। 

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन दोनों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, POS और एटीएम पर कार्ड ट्रांजैक्शन की लिमिट तय करे। अपने मोबाइल पिन और यूपीआई पिन को अलग और रैंडम रखने की कोशिश करें। किसी भी अज्ञात UPI रिक्वेस्ट का जवाब न दें। हमेशा उन संदिग्ध रिक्वेस्ट को रिपोर्ट करें। हमेशा याद रखें कि पिन की जरूरत सिर्फ रकम ट्रांसफर करने के लिए होती है, पाने के लिए नहीं। अगर आपकी परमिशन के बिना कोई ट्रांजैक्शन हुआ है तो अपने अकाउंट पर यूपीआई सर्विस को तुरंत डिसेबल कर दें। 

बैंक की वेबसाइट के एड्रेस बार में हमेशा “https” चेक करें। ओपन वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक जगहों पर ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजेक्शन करने से बचें। जब आप अपना काम पूरा कर लें तो हमेशा लॉगआउट करें और ब्राउज़र को बंद कर दें। 

यूनिक और कॉम्प्लेक्स पासवर्ड का इस्तेमाल करने की कोशिश करें। पासवर्ड बार-बार बदलते रहें. कभी भी अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड या पिन का खुलासा न करें। याद रखें कि बैंक कभी आपका यूजर आईडी/पासवर्ड/कार्ड नंबर/पिन/पासवर्ड/सीवीवी/ओटीपी नहीं मांगता है। यूजर आईडी और पासवर्ड को स्टोर करने से बचने के लिए अपने डिवाइस में ‘Auto Save’ या ‘Remember’ फ़ंक्शन को डिसेबल करें. 

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