एफडी पर मिलने वाला ब्याज महंगाई से काफी कम है   

मुंबई- अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिटी (FD) या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में निवेश का प्लान कर रहे हैं तो आपको एक बार इस बारे में गंभीरता से सोच लेना चाहिए. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि महंगाई में लगातार इजाफा हो रहा है। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंक FD पर जितना ब्याज ऑफर कर रहे हैं, उससे ज्यादा महंगाई दर हो गई है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए अगर हम FD पर मिलने वाले रियल रिटर्न को देखें तो यह जीरो या माइनस में चला जाएगा। एफडी पर रिटर्न फिक्स और पहले से तय होता है, जबकि महंगाई दर में लगातार इजाफा हो सकता है।  

अगर हम महंगाई दर को एफडी रेट से एडजस्‍ट करें तो एफडी पर मिलने वाला रिटर्न मौजूदा दौर में जीरो या इससे नीचे जला जाएगा। बढ़ती महंगाई सीधे तौर पर आपके निवेश और लाइफ-स्टाइल को प्रभावित करती है। अगर आपने किसी बड़े बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाया है, तो महंगाई दर के हिसाब से आपका रिटर्न शून्य से नीचे चला जाएगा।  

12 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस पर आधारित खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 6.95 प्रतिशत हो गई है। यह लगातार तीसरा महीना है जब रिटेल इन्फ्लेशन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संतोषजनक स्तर से ऊपर बना हुआ है। हम यहां रिटेल इन्फ्लेशन की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक समीक्षा में मुख्य रूप से खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर गौर करता है। सरकार ने रिजर्व बैंक को महंगाई दर 2 से 6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया हुआ है। 

एसबीआई की बात करें तो यह बैंक अपने ग्राहकों को 5 से 10 साल की एफडी पर 5.50 फीसदी तक का ब्याज ऑफर कर रहा है। इसके अलावा, ICICI बैंक और HDFC बैंक में 5 साल एक दिन से 10 साल तक की अवधि के लिए एफडी में निवेश पर 5.60 फीसदी का ब्याज मिलेगा। रिकरिंग डिपॉजिट की बात करें तो एसबीआई अपने ग्राहकों को 5 साल से 10 साल तक की अवधि के लिए 5.50 फीसदी का रिटर्न ऑफर कर रहा है।  

यहां हमने बताया है कि महंगाई ऊंची रहती है तो नेगेटिव रिटर्न आपको कैसे प्रभावित करेगा। मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने FD में 60 लाख रुपये का निवेश किया है और वह मासिक खर्चों के लिए इनकम पर निर्भर है। 5.5% रिटर्न के हिसाब से FD पर मासिक भुगतान लगभग 28,000 रुपये होगा। यदि जमाकर्ता वार्षिक भुगतान विकल्प चुनते हैं तो भुगतान अधिक होता है और यदि वे मासिक भुगतान चुनते हैं तो कम होता है। 

मान लें कि जमाकर्ता अपनी FD आय से मासिक खर्चों को पूरा करने में सक्षम था। लेकिन मार्च महीने में मुद्रास्फीति 6.95% बढ़ी, इसलिए जमाकर्ता को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए 1946 रुपये की और जरूरत होगी। 

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