निजी सेक्टर में काम करने वालों को भी मिल सकती है पेंशन, जानिए कैसे  

मुंबई- नौकरी के दौरान कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आप सोचते हैं कि रिटायरमेंट लेकर कुछ अपना काम शुरू किया जाए। लेकिन जैसे ही आप रिटायरमेंट के बाद पैसों का हिसाब लगाते हैं तो मन मार कर फिर नौकरी करने लग जाते हैं। या कई बार प्राइवेट नौकरी में काम करते हुए रिटायरमेंट की टेंशन होती रहती है। ऐसे में भला क्या किया जाए कि प्राइवेट नौकरी में भी पेंशन का सुख मिल सके। 

इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है सही समय पर रिटायरमेंट का प्लान बनाना। रिटायरमेंट के लिए NPS एक अच्छा विकल्प है जिससे हर महीने आपको एक तय रकम मिल सकती है। इस स्कीम में अगर आप हर महीने 5000 रुपए का निवेश करते हैं तो आपको रिटायरमेंट के बाद 22,000 रुपए की पेंशन मिल सकती है। 

18 से 65 साल का कोई व्यक्ति NPS में निवेश शुरू कर सकता है। NPS में इनवेस्टमेंट का प्रबंधन पेंशन फंड मैनेजर करते हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिी (PFRDA) पेंशन फंड मैनेजर की नियुक्ति करता है। PFRDA नेशनल पेंशन स्कीम का रेगुलेटर है। 

सरकार ने 2003 में पीएफआरडीए की स्थापना की थी। आप कुल 7 पेंशन फंड मैनेजर्स में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। इनमें LIC पेंशन फंड, HDFC पेँशन कंपनी, SBI पेंशन फंड शामिल हैं। पेंशन फंड में 60 साल की उम्र तक इनवेस्ट किया जा सकता है। इसके बाद आपको एक एनुइटी प्लान खरीदना होगा। आप छह एनुइटी प्रोवाइडर्स में से किसी एक से एनुइटी प्लान खरीद सकते हैं। इनमें HDFC लाइफ इंश्योरेंस, LIC, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ शामिल हैं। एनुइटी प्रोवाइडर्स से आपको हर महीने पेंशन मिलेगी। 

30 साल का कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 5,000 रुपये NPS में इनवेस्ट कर हर महीने 22,279 रुपये का पेंशन पा सकता है। इसके अलावा उसे 45,5 लाख रुपये की एकमुश्त रकम भी हासिल होगी। 5,000 रुपये का अमाउंट उसे 60 साल की उम्र तक इनवेस्ट करना होगा। इस अनुमान के लिए सालाना 10 फीसदी इंट्रेस्ट रेट और 6% एनुइटी रेट का अनुमान लगाया गया है। 

आप NPS की वेबसाइट पर उपलब्ध पेंशन कैलकुलेटर से खुद इसकी जांच कर सकते हैं। अगर आप हर महीने ज्यादा रकम इनवेस्ट करना चाहते हैं तो कैलकुलेटर की मदद से आप उस पर मिलने वाली पेंशन का पता लगा सकते हैं। NPS में निवेश पर टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। अगर आप नौकरी करते हैं तो सेक्शन 80CCD (1B) के तहत आप NPS में इनवेस्ट कर सालाना 50,000 रुपये का डिडक्शन हासिल कर सकते हैं। यह 80C के तहत मिलने वाले 1,50,000 लाख रुपये के डिडक्शन से अलग है। 

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