विदेशी निवेशकों ने बाजार से निकाले 4,500 करो़ड़ रुपये  

मुंबई- अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का भरोसा घट रहा है। पिछले सप्ताह विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।  

इससे पहले एक से आठ अप्रैल के दौरान एफपीआई ने भारतीय बाजार में 7,707 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। उस समय बाजार में गिरावट के चलते एफपीआई को खरीदारी का अच्छा मौका मिला था। इससे पहले मार्च, 2022 तक छह माह के दौरान एफपीआई शुद्ध बिकवाल बने रहे और उन्होंने शेयरों से 1.48 लाख करोड़ रुपये की भारी राशि निकाली। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि की संभावना और यूक्रेन पर रूस का सैन्य हमला था। 

उधर, दूसरी ओर सेंसेक्स की टॉप 10 में से 7 कंपनियों के मार्केट कैप में बीते सप्ताह 1,32,535.79 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इस दौरान सबसे अधिक नुकसान में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। इस सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,108.25 अंक या 1.86 प्रतिशत नीचे आया। सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), HDFC बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और HDFC के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई। वहीं ICICI बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और अडाणी ग्रीन एनर्जी फायदे में रहीं। अडाणी ग्रीन एनर्जी पिछले सप्ताह टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में शामिल हुई है। 

इस सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 43,491.37 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 17,26,714.05 करोड़ रुपये पर आ गया। इन्फोसिस के बाजार मूल्यांकन में 27,953.78 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 7,35,611.35 करोड़ रुपये रहा। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 27,866.34 करोड़ रुपये घटकर 8,12,338.57 करोड़ रुपये और एचडीएफसी की 14,631.11 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ 4,31,028.49 करोड़ रुपये रह गई। 

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