एलआईसी में विदेशी निवेशकों के 20 फीसदी हिस्से को मंजूरी मिली 

मुंबई- लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने 14 मार्च को ये संशोधन किया था। DPIIT के प्रोविजन्स को लागू करने के लिए FEMA नोटिफिकेशन जरूरी थी। 

अब LIC में 20% तक FDI किया जा सकेगा। FDI की अधिकतम सीमा 20% इसलिए रखी गई है, क्योंकि मौजूदा नियमों के तहत सरकारी बैंकों में विदेशी निवेश की अधिकतम सीमा भी 20% ही है। सरकार IPO के जरिए LIC में अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है। LIC ने फरवरी में IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। अब जल्द ही RHP दाखिल किया जा सकता है। 

फेमा नियमों में किए संशोधन के नोटिफिकेशन से पता चलता है कि लंबे समय से अटका LIC का IPO जल्द ही आ सकता है। सरकार के पास सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अप्रूवल के लिए नए पेपर दाखिल किए बिना IPO लॉन्च करने के लिए 12 मई तक का टाइम है। अगर 12 मई तक IPO लॉन्च नहीं हो पाता है तो सरकार को फिर से DHRP दाखिल करना होगा। सरकार LIC में लगभग 31.6 करोड़ या 5% शेयर बेचकर 50,000 करोड़ रुपए जुटा सकती है। उधर, 60 एंकर निवेशकों को भी चुन लिए जाने की खबर है।  

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