UIDAI ने मोबाइल कंपनियों को पहुंचाया फायादा, सरकार को 13 हजार करोड़ का घाटा  

मुंबई- आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कुछ मोबाइल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार को 13 हजार 205 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का नुकसान पहुंचाया। इसका खुलासा हाल में CAG की संसद में पेश की गई रिपोर्ट में हुआ है।  

CAG की परफॉरमेंस ऑडिट रिपोर्ट में ये सामने आया है कि UIDAI ने अपने ही नियमों के विपरीत जाकर हजारों करोड़ रुपए की ऑथेन्टिकेशन सर्विस और यस/नो वेरिफिकेशन सर्विस टेलीकॉम ऑपरेटर्स (मोबाइल कंपनियों) और बैंकों को फ्री बांट दी। इससे सरकार को करीब 13 हजार 205 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।  

दोनों सर्विस के 3 हजार करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन फ्री कर दिए गए। CAG ने ये भी कहा कि सरकार ये सर्विसेज कभी भी फ्री नहीं देना चाहती थी। UIDAI ने कुछ मोबाइल कंपनियों को सीधे-सीधे फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर ये देरी की। मान लीजिए आपका बैंक अकाउंट या मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक है। जब भी मोबाइल कंपनी या बैंक E-KYC करती है तो आपके आधार नंबर की जरूरत पड़ती है। इसी को ऑथेन्टिकेशन सर्विस कहते हैं। हर ऑथेन्टिकेशन के लिए बैंक या मोबाइल कंपनी को UIDAI को 20 रुपए बतौर फीस चुकाने होते हैं। 

इसी तरह बैंक या मोबाइल कंपनी UIDAI से किसी आधार कार्ड धारक के बारे में कोई जानकारी वेरिफाई करती है तो उसका जवाब हां या नहीं में दिया जाता है। हर वेरिफिकेशन के लिए बैंक या मोबाइल कंपनी को 50 पैसे बतौर फीस देने होते हैं।UIDAI ने तीन साल तक ये दोनों फीस तय ही नहीं की। इस वजह से सरकार को 13 हजार 205 करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान हो गया। 

कैग की रिपोर्ट में उल्लेख है कि मार्च 2019 तक 637 करोड़ ई-केवाईसी लेनदेन किए गए। इनमें 598 करोड़ लेनदेन सिर्फ मोबाइल कंपनियों और बैंकों से जुड़े थे। UIDAI ने मार्च 2019 तक बैंक, मोबाइल ऑपरेटर तथा अन्य एजेंसियों को नियमों के विपरीत जाकर फ्री ऑथेन्टिकेशन सर्विस दी। इसके कारण सरकार को रेवेन्यू लॉस हुआ।  

मार्च 2019 तक UIDAI ने 637 करोड़ ई-केवाईसी ऑथेन्टिकेशन किए। इनमें से 598 करोड़ लेनदेन (94 प्रतिशत) अकेले टेलीकॉम कंपनियों तथा बैंकों के लिए थे। यदि टेलीकॉम कंपनियों तथा बैंकों से हर ऑथेन्टिकेशन के लिए 20 रुपए फीस ली जाती तो 598 करोड़ लेनदेन के लिए सरकार को 11960 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता था।

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