रूस अपने कर्ज को पांच साल में कर सकता है डिफॉल्ट, लड़ाई पड़ी भारी 

मुंबई- रूस के अगले पांच साल में अपने कर्ज का डिफॉल्ट यानी चूकने की आशंकाएं अब 90 फीसदी हो गई हैं। दरअसल, यूएस ट्रेजरी ने कहा है कि मॉस्को अब अमेरिकी बैंकों के खातों का इस्तेमाल करके सॉवरेन बॉन्ड पेमेंट्स नहीं कर सकेगा। इससे रूस के डिफॉल्ट करने की आशंकाएं ज्यादा बढ़ गई हैं। 

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, डिफॉल्ट के लिए होने वाले बीमे के मूल्य पर आधारित पांच साल का रिस्क खासा बढ़ गया है। यह सोमवार को 77.7 फीसदी से बढ़कर 87.7 फीसदी हो गया। ब्लूमबर्ग ने इंटरनेशनल एक्सचेंज के क्रेडिट मार्केट एनालिसिस से मिले डाटा के हवाले से यह बात कही है। 

दिलचस्प बात यह है कि डिफॉल्ट रिस्क डेढ़ महीने में तिगुने से भी ज्यादा हो गया है। 24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर हमले के समय इसकी आशंकाएं 24.1 फीसदी थीं। यूक्रेन पर हमले के बाद रूस ने अपने विदेशी मुद्दा वाले बॉन्डों का भुगतान जारी रखा है। हालांकि, मार्च की शुरुआत में पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। वहीं रेटिंग एजेंसियां कर्ज के भुगतान से चुकाने की आशंकाएं जताने लगी थीं। 

इसी सोमवार को, अमेरिका ने जेपी मॉर्गन को डॉलर पेमेंट को प्रोसेस करने से रोक दिया था। एक ट्रेजरी डिपार्टमेंट के स्पोक्सपर्सन ने बिजनेस इनसाइडर को बताया, “रूस को अब अपने मूल्यवान डॉलर रिजर्व की निकासी या नए आने वाले रेवेन्यू या डिफॉल्ट में से एक का चयन कर लेना चाहिए। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.