जी एंटरटेनमेंट को झटका, इन्वेस्को बेचेगा अपनी पूरी हिस्सेदारी 

मुंबई- इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट फंड्स ने जी एंटरटेरनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (में अपनी हिस्सेदारी घटाने का फैसला किया है। इनवेस्को अभी तक ZEE की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है और हाल ही में दोनों के बीच कंपनी के बोर्ड को लेकर लंबा विवाद देखने को मिला था। 

इनवेस्को के पास OFI ग्लोबल फंड्स एलएससी के साथ मिलकर ZEE की कुल 17.88 हिस्सेदारी है। इनवेस्को इसमें 7.8 फीसदी हिस्सेदोरी को गुरुवार 7 अप्रैल को एक ब्लॉक डील में बेचेगी। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी कुल 7.4 करोड़ शेयर बेचेगी, जिसकी कीमत करीब 2,200 करोड़ रुपये होगी। 

रिपोर्ट के मुताबिक इनवेस्को 270 से 290 रुपये के प्राइस रेंज के बीच अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है और कोटक महिंद्रा बैंक को इस ब्लॉक डील के लिए बैंकर नियुक्त किया गया है। इनवेस्को ने इससे करीब दो हफ्ते पहले ZEE के शेयरहोल्डरों की एक्सट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग को भी वापस ले लिया था।  

इनवेस्को ZEE के बोर्ड में बदलाव चाहती थी और इसके लिए वह सिंतबर 2021 से ही EGM बुलाने पर जोर दे रही थी। ईजीएम के जरिए वह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका को हटाना चाहती थी। कंपनी ने बीते 23 मार्च को जारी क बयान में कहा कि उसने छह इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों को बोर्ड में शामिल करने के लिए EGM नहीं बुलाने का फैसला किया। उनका मानना है कि सोनी के साथ जी का मर्जर बोर्ड की निगरानी को और मजबूत करेगा। 

इनवेस्को ने कहा “हमारी मांग के बाद जी ने सोनी के साथ मर्जर को लेकर समझौता किया है। हमें विश्वास है कि इस डील के मौजूदा स्वरूप में Zee के शेयरधारकों के लिए काफी अच्छी संभावनाएं हैं। हम यह भी मानते हैं कि विलय के बाद, नई संयुक्त कंपनी के बोर्ड का काफी हद तक पुनर्गठन किया जाएगा। इससे कंपनी की निगरानी के लिहाज से बोर्ड में खासी मजबूती आएगी। 

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