ग्राहकों के प्रति एचडीएफसी बैंक को सावधान रहना होगा- दीपक पारेख 

मुंबई- HDFC बैंक में HDFC का विलय होने जा रहा है। विलय के बाद एचडीएफसी बैंक का बाजार 12.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा। इसकी बैलेंस शीट 17.9 लाख करोड़ रुपये होगी।  

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि हमें दोनों कंपनियों के कल्चर को मिलाना होगा। अब हमारे सभी कर्मचारी एचडीएफसी बैंक के हिस्सा बन जाएंगे। इस दौरान थोड़ी कठिनाई आएगी। अब एचडीएफसी बैंक को हाउसिंग लोन बिजनेस भी संभालना होगा, जो बहुत इमोशनल, पर्सनल और पारिवारिक होता है। इसलिए हमें अपने कस्टमर्स को लेकर बहुत केयरफुल रहना होगा। 

अब अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को पर्सनल लोन देते हैं, जो सट्टेबाजी करता है और जिसे घाटा हो जाता है तो हमें ऐसे ग्राहक को लेकर सख्त रहना होगा। अगर कोई कार लोन लेता है और कार लेकर भाग जाता है तो हमें कार पकड़नी होगी। इसलिए बैंक के बिजनेस और मॉर्टगेज फाइनेंस से अलग-अलग तरह की भावनाएं जुड़ी होती है। बैंक को सख्त रुख अपनाना पड़ता है। 

ग्रोथ को देखते हुए हमें ज्यादा रिसोर्सेज की जरूरत थी। अभी तक इंडियन डेट मार्केट विकसित नहीं हो पाया है। एनबीएफसी के लिए पैसे जुटाना आसान नहीं है। इधर, होम लोने की मांग तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए हमें भी सावधान रहने की जरूरत है। हमें पांच साल बाद डिस्बर्समेंट के लिए आज ही पूंजी जुटाने की जरूरत है।  

दीपक पारेख ने कहा कि आज बहुत अच्छी स्थिति में हैं। कल भी हम बहुत अच्छी स्थिति में होंगे। दो साल बाद भी हमारी स्थिति अच्छी होगी। लेकिन, उसके बाद क्या होगा, क्योंकि हमारा बिजनेस तो तेजी से बढ़ रहा है। अगले 50 साल तक इंडिया में हाउसिंग डिमांड खत्म नहीं होने जा रही है। 

आरबीआई ने ऐसी पॉलिसी बनाई है, जिसमें बैंकों से एनबीएफसी बनने को कहा जा रहा है। उसने एनबीएफसी के लिए तीन लेयर्स बनाए हैं। पहला यानी अपर लेयर ऐसे बैंकों का है, जिसका एसेट बेस 50,000 करोड़ रुपये है। हमारे पास पांच लाख करोड़ रुपये हैं। हम अपर लेयर में सबसे ऊपर हैं। आरबीआई ने यह भी कहा है कि अपर लेयर एनबीएफसी की निगरानी होगी। 

अगर किसी ग्राहक का 4 महीने का ईएमआई बकाया है, लेकिन वह दो इंस्टॉलमेंट का पेमेंट कर देता है तो एनएचबी के तहत हम उसे एनपीए से बाहर कर देते हैं। इसकी वजह यह है कि उसका बकाया 90 दिन से कम का है। बैंकिंग के नियमों के तहत अगर किसी ग्राहक का 4 महीने का किश्त बकाया है औ वह 3 महीने का बकाया चुका देता हैं तो भी उसके खाते को एनपीए माना जाएगा।  

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