बेरोजगारी में छत्तीसगढ़ सबसे पीछे, हरियाणा सबसे आगे 

मुंबई- मार्च में भारत की बेरोजगारी दर में गिरावट देखने को मिली है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मासिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में बेरोजगारी की दर फरवरी में 8.10% थी, जो मार्च में घटकर 7.60% रह गई।  

CMIE के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2022 में शहरी बेरोजगारी की दर 8.50% और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह 7.10% रही है। छत्तीसगढ़ रोजगार के मामले में सबसे आगे रहा। यहां बेरोजगारी दर देश में सबसे कम 0.60% रही। CMIE के मुताबिक 2021 में मई में बेरोजगारी दर 11.84% पर पहुंच गई थी।  

हालांकि इसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिली और ये जनवरी 2022 में 6.57% पर आई थी, लेकिन फरवरी में ये फिर 8.10% पर पहुंच गई थी जो अब 7.60% पर आ गई। CMIE को उम्मीद है कि रबी फसल की बुआई की शुरुआत में तेजी देखने को मिल सकती है। इसका मतलब है कि चालू वित्त वर्ष में एग्री सेक्टर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेगा। इससे प्रवासी मजदूर खेतों की ओर वापसी करेंगे। 

CMIE के अनुसार मार्च में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर 0.60% पर पहुंच गई। यह देश भर में सबसे कम बेरोजगारी दर है। सबसे अधिक बेरोजगारी हरियाणा में 26.70% है। दिसंबर में बेरोजगारी दर 7.6% रहने का मतलब यह है कि काम करने को तैयार हर 1000 वर्कर में से 76 को काम नहीं मिल पाया।CMIE हर महीने 15 से अधिक उम्र के लोगों का घर-घर जाकर सर्वे करता है और उनसे रोजगार की स्थिति की जानकारी लेता है। इसके बाद जो परिणाम मिलते हैं उनसे रिपोर्ट तैयार की जाती है। 

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