जीएसटी के इतिहास का टूटा रिकॉर्ड, 2021-22 में 14.19 लाख करोड़ कलेक्शन

मुंबई- देश में मार्च के महीने में जीएसटी संग्रह ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, ये पिछले पांच साल में सर्वाधिक रहा है। जीएसटी वसूली मार्च महीने में 1,42,.095 करोड़ रुपये रही है, जो अर्थव्यवस्था में सुधार और औद्योगिक रफ्तार पटरी पर आने के प्रबल संकेत हैं। 

एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था। उसके बाद से किसी एक महीने में यह सबसे ज्यादा रिकॉर्ड रहा। साथ ही वित्तवर्ष 2021-22 यानी अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच 14.83 लाख करोड़ रुपए की कमाई सरकार ने की। यह अब तक का किसी एक साल में सबसे ज्यादा कलेक्शन है।  

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 में इससे पहले जीएसटी वसूली का 1,40, 986 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड था, लेकिन मार्च के राजस्व ने दो महीने के पहले के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में जीएसटी संग्रह पर असर पड़ सकता है, क्योंकि यूक्रेन पर रूस के 24 फरवरी को हमले के बाद आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। 

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जीएसटी से जुड़े आंकड़े जारी किए। इसमें सीजीएसटी (CGST) 25,830 करोड़ रुपये, एसजीएसटी (SGST)32,378 करोड़ रुपये और आईजीएसटी 74,470 करोड़ रुपये रहा। आईजीएसटी (IGST) में 39,131 करोड़ रुपये सामानों के आय़ात से वसूला गया है। सेस से वसूली 9417 करोड़ रुपये रही है।  

अगर पिछले साल यानी मार्च 2021 से तुलना करें तो जीएसटी वसूली में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि राजस्व संग्रह जीएसटी परिषद द्वारा टैक्स स्लैब में किए गए सुधारों को भी प्रतिबिंबित करता है। साथ ही कर चोरी के मामलों में भी सख्ती का असर देखने को मिल रहा है। 

सरकार ने कहा है कि अकेले मार्च महीने में 6.91 करोड़ ई-वे बिल निकाले गए, जो जनवरी 2022 में 6.88 करोड़ से ज्यादा रहा. यह कोरोना महामारियों से जुड़ी पाबंदियां खत्म होने के साथ औद्योगिक गतिविधि में तेज सुधार का संकेत दे रहा है। आंकड़ों की बात करें तो जून 2021 के बाद से जीएसटी कलेक्शन लगातार एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है और तब से इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।  

पिछले नौ माह में जीएसटी राजस्व 12 लाख 60 हजार करोड़ रुपये के करीब रहा है। अगर वित्त वर्ष 2022 की बात करें तो जीएसटी का कुल संग्रह 14.83 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो वित्त वर्ष 2021 के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा रहा है। वित्त वर्ष 2021 में यह 11.37 लाख करोड़ रुपये था। 

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