प्राकृतिक गैस की कीमत हुई दोगुना, बढ़ेगा रसोई गैस का भाव 

मुंबई- सरकार ने प्राकृतिक गैस की कीमत दोगुना से ज्यादा कर दी है। इस वजह से आने वाले दिनों में CNG और PNG की दरों में 10-15% की बढ़ोतरी हो सकती है। 

प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली का उत्पादन करने, खाद बनाने, CNG में बदलने और पाइप के जरिए रसोई तक (PNG) पहुंचाने के लिए किया जाता है। कीमतों में बढ़ोतरी से बिजली पैदा करने की लागत में भी बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि ग्राहक पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा क्योंकि गैस से उत्पादित बिजली का हिस्सा बहुत कम है।  

पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नौ बार बढ़ोतरी हुई है, जो कुल मिलाकर 6.4 रुपए प्रति लीटर है। रसोई गैस एलपीजी की दरों में भी प्रति सिलेंडर 50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 

नई कीमत 1 अप्रैल से छह महीने के लिए लागू होगी। सरकार हर छह महीने में 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को गैस की कीमत निर्धारित करती है। ये संशोधन अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे अधिशेष गैस वाले देशों में जारी सालाना औसत कीमतों के आधार पर होता है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक की कीमतें जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 के औसत मूल्य के आधार पर होती है। यानी इसमें एक तिमाही का अंतर होता है। 

इसी तरह, उर्वरक उत्पादन की लागत भी बढ़ जाएगी। ओल्ड रेगुलेटेड फील्ड जैसे ओएनजीसी से उत्पादित गैस की कीमत मौजूदा करीब 220 रुपए प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (mmBtu) से बढ़ाकर करीब 463 रुपए mmBtu कर दी गई है। गहरे पानी जैसे मुश्किल क्षेत्रों के लिए कीमत 465 रुपए प्रति mmBtu से बढ़कर 753 रुपए हो जाएगी। 

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