मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने 3 स्कीम में निवेश को रोका

मुंबई- मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने कहा कि उसने अपने एसएंडपी 500 इंडेक्स फंड, एमएससीआई ईएएफई टॉप 100 सिलेक्ट इंडेक्स फंड और नैस्डैक 100 फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) सहित मौजूदा निवेश को 1 अप्रैल 2022 से अस्थायी रूप से रोक देगा। 

असेट मैनेजमेंट कंपनी ने इंडस्ट्री के अनुसार विदेशी निवेश जोखिम पर लिमिटेशन के कारण ये निर्णय लिया है। एक सर्कुलर में कंपनी ने कहा कि यह नोट किया जाए कि 31 मार्च, 2022 के कट-ऑफ समय के बाद उपरोक्त डिज़ाइन की गई स्कीम्स में प्राप्त किसी भी मौजूदा पंजीकृत SIP/ STP को स्वीकार और प्रोसेस नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा पंजीकृत SIP/ STP सिस्टम में सक्रिय रहेगा।  

इस संबंध में नियामकों द्वारा सीमा में वृद्धि के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद आगे इसे फिर से चालू किया जाएगा। फंड हाउस ने कहा कि उपरोक्त स्कीम्स के तहत रिडेम्पशन, स्विच-आउट सिस्टमैटिक निकासी और ट्रांसफर पर ये रोक लागू नहीं है। इससे पहले, फंड हाउस ने जनवरी और फरवरी में अलग-अलग सर्कुलर के जरिए इन तीन स्कीम्स में एकमुश्त निवेश और नए SIPs और STPs को रोक दिया था। 

28 फरवरी 2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसकी दो स्कीम्स क्रमशः 2,631 करोड़ रुपये और 3,986 करोड़ रुपये के असेट अंडर मैनेजमेंट के साथ भारत में सबसे बड़े विदेशी फंड्स में शामिल हैं। जबकि नैस्डैक 100 स्कीम 41 करोड़ रुपये के असेट वाली एक नई स्कीम है। 

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) ने जनवरी में विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले म्युचुअल फंडों को इंडस्ट्री-वाइड विदेशी लिमिट्स के उल्लंघन से बचने के लिए विदेशी शेयरों में और निवेश को रोकने की सलाह दी थी। 3 जून 2021 के सेबी के एक सर्कुलर के अनुसार, म्यूचुअल फंड 7 अरब डॉलर की कुल इंडस्ट्री लिमिट के साथ, प्रत्येक म्यूचुअल फंड में 1 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश कर सकते हैं। हालांकि ये निलंबन अस्थायी होने की संभावना है और रेगुलेटर द्वारा लिमिट्स बढ़ाये जाने के बाद इसे रद्द किया जा सकता है। 

मुंबई- मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने कहा कि उसने अपने एसएंडपी 500 इंडेक्स फंड, एमएससीआई ईएएफई टॉप 100 सिलेक्ट इंडेक्स फंड और नैस्डैक 100 फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) सहित मौजूदा निवेश को 1 अप्रैल 2022 से अस्थायी रूप से रोक देगा। 

असेट मैनेजमेंट कंपनी ने इंडस्ट्री के अनुसार विदेशी निवेश जोखिम पर लिमिटेशन के कारण ये निर्णय लिया है। एक सर्कुलर में कंपनी ने कहा कि यह नोट किया जाए कि 31 मार्च, 2022 के कट-ऑफ समय के बाद उपरोक्त डिज़ाइन की गई स्कीम्स में प्राप्त किसी भी मौजूदा पंजीकृत SIP/ STP को स्वीकार और प्रोसेस नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा पंजीकृत SIP/ STP सिस्टम में सक्रिय रहेगा।  

इस संबंध में नियामकों द्वारा सीमा में वृद्धि के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद आगे इसे फिर से चालू किया जाएगा। फंड हाउस ने कहा कि उपरोक्त स्कीम्स के तहत रिडेम्पशन, स्विच-आउट सिस्टमैटिक निकासी और ट्रांसफर पर ये रोक लागू नहीं है। इससे पहले, फंड हाउस ने जनवरी और फरवरी में अलग-अलग सर्कुलर के जरिए इन तीन स्कीम्स में एकमुश्त निवेश और नए SIPs और STPs को रोक दिया था। 

28 फरवरी 2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसकी दो स्कीम्स क्रमशः 2,631 करोड़ रुपये और 3,986 करोड़ रुपये के असेट अंडर मैनेजमेंट के साथ भारत में सबसे बड़े विदेशी फंड्स में शामिल हैं। जबकि नैस्डैक 100 स्कीम 41 करोड़ रुपये के असेट वाली एक नई स्कीम है। 

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) ने जनवरी में विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले म्युचुअल फंडों को इंडस्ट्री-वाइड विदेशी लिमिट्स के उल्लंघन से बचने के लिए विदेशी शेयरों में और निवेश को रोकने की सलाह दी थी। 3 जून 2021 के सेबी के एक सर्कुलर के अनुसार, म्यूचुअल फंड 7 अरब डॉलर की कुल इंडस्ट्री लिमिट के साथ, प्रत्येक म्यूचुअल फंड में 1 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश कर सकते हैं। हालांकि ये निलंबन अस्थायी होने की संभावना है और रेगुलेटर द्वारा लिमिट्स बढ़ाये जाने के बाद इसे रद्द किया जा सकता है। 

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