मुंबई में अब खाने वाली सामान अखबारों में नहीं लपेट सकेंगे, जानिए नया नियम 

मुंबई- महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई में दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, मिठाई की दुकानों और बेकरी मालिकों को खाद्य सामग्री को लपेटने के लिए न्यूजपेपर का इस्तेमाल नहीं करने के सख्त निर्देश दिए हैं। FDA ने निर्देश दिया है कि अखबार में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही ग्राहकों को लिए खतरनाक है।  

FDA का कहना है कि अखबारों (न्यूजपेपर) में खाना पार्सल नहीं किया जाएगा, क्योंकि पार्सल का ये तरीका सेहत के लिए खतरे कि एक बड़ी घंटी है। बता दें कि मुंबईकरों का पसंदीदा स्ट्रीट फूड जैसे वड़ा पाव, पोहा, समोसा, जलेबी आमतौर पर अखबारों में लपेटकर दे दिया जाता है। यह भोजन परोसने और पार्सल करने का बहुत पुराना तरीका है। 

FDI का कहना है कि जब गर्म भोजन अखबार में लपेट दिया जाता है तो अखबार की स्याही भोजन में लग जाती है, तो कई हानिकारक केमिकल लोग खाने के साथ खाते हैं। कई बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में खाद्य और औषधि प्रशासन ने इन दुकानदारों और विक्रेताओं को अखबार की जगह दूसरा विकल्प तलाशने को कहा है। ये निर्देश FDA ने 1718 सड़क किनारे विक्रेताओं के बाद लिया है, जब पाया गया कि मुंबई में अक्सर वेंडर खाना अखबार में लपेट कर देते हैं। 

बता दें कि भारत के करीब सभी राज्यों में अखबार पर खाना रखकर खाया जाता है। अगर आप भी घर से बाहर जाते हैं तो अखबार पर दिए जाने वाले कई स्ट्रीट फूड खाते होंगे। इसके अलावा, कई बार घर में फॉयल पेपर खत्म हो जाने पर भी हम अखबार में ही रोटियां लपेटकर ऑफिस ले जाते हैं। इतना ही नहीं, ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादातर लोग अखबार पर ही खाना रखकर खाते हैं। 

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