माल्या, मोदी और चौकसी से सरकार वे की 19 हजार करोड़ रुपए की वसूली 

मुंबई- केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि आर्थिक भगोड़े अपराधी- विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के मामले में अब तक उनकी कुल 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद ब्रिज लाल की तरफ से पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी। 

पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में बताया, “विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने अपनी कंपनियों के जरिए सरकारी बैंकों को कुल 22,585.83 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। 15 मार्च 2022 तक इन तीनों की 19,111.20 करोड़ रुपये के मूल्य की संपत्ति को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जब्त किया जा चुका है।” 

पंकज चौधरी से पूछा गया कि क्या सरकार ने बैंकों का कर्ज चुकाए बिना विदेश भाग गए कारोबारियों की संपत्तियों को जब्त कर बैंकों को उनके पैसे वापस करने का प्रस्ताव दिया है या ऐसा कोई प्रस्ताव रखा है। इस पर वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) और फ्यूजिटिव इकोनॉमिक अफेंडर्स एक्ट 2018 (FEOA) के तहत यह प्रावधान है कि इन अपराधों की सुनवाई कर अदालतें, मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल किसी भी संपत्ति को वैध हित के साथ किसी तीसरे पक्ष के दावेदार को लौटा सकती है और इनमें बैंक भी शामिल हैं। 

पंकज चौधरी ने बताया कि इन 19,111.20 करोड़ रुपये में से 15,113.91 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकारी बैंकों को वापस दी जा चुकी है। इसके अलावा करीब 335.06 करोड़ रुपये की संपत्ति भारत सरकार ने जब्त कर लिया है। वित्त राज्य मंत्री ने बताया, “15 मार्च 2022 तक, धोखाधड़ी के इन मामलों में कुल फ्रॉड का 84.61 फीसदी जब्त कर लिया गया है और बेंकों को कुल नुकसान का 66.91 फीसदी वापस सौंप दिया गया है।” 

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