आपके मुनाफे से सरकार लेगी टैक्स, जानिए कैसे लगाएगी भारी टैक्स 

मुंबई- सरकार कैपिटल गेन टैक्स को लेकर नियम में बदलाव कर सकती है। सरकार रेवेन्यू कलेक्शन को बढ़ाने के लिए कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव कर सकती है। इसको लेकर वित्त मंत्रालय विचार कर रहा है। यह फैसला अगले साल बजट में लिया जा सकता है। 

कैपिटल गेन उसे कहते हैं जिसमें किसी प्रॉपर्टी से आपको फायदा होता हो। मान लीजिए आपने कुछ साल पहले किसी प्रॉपर्टी या सोने में 1 लाख रुपए निवेश किया था। जो अब बढ़कर 2 लाख हो गया है तो इसमें 1 लाख रुपए को कैपिटल गेन माना जाएगा। यानी सीधे-सीधे आपके मुनाफे पर सरकार की कैंची चलेगी। इस पर ही आपसे टैक्स लिया जाएगा। 

वित्त मंत्रालय के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि शेयर बाजार से कमाई पैसिव इनकम की तरह है। ऐसे में शेयर बाजार की कमाई पर लगने वाला टैक्स रेट बिजनेस इनकम पर लगने वाले टैक्स के मुकाबले कम नहीं होना चाहिए। बिजनेस इनकम में कई जोखिम जुड़े होते हैं, साथ में यह रोजगार का अवसर भी देता है। इसके अलावा सरकार कई वेलफेयर स्कीम के बारे में विचार कर रही है जिसके कारण एडिशनल रेवेन्यू जेनरेट करने की जरूरत है। 

सूत्रों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स में किसी तरह का बदलाव लाने के लिए सरकार को कानून में बदलाव करना होगा। कैपिटल गेन टैक्स की बात करें तो यह दो तरह का होता है। पहला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन और दूसरा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन। देश में लिस्टेड इक्विटी पर एक साल से अधिक समय के लिए एक लाख रुपए की सीमा से ऊपर के लाभ पर 10% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स का भुगतान करना होता है एक साल से कम समय के लिए रखे गए शेयरों पर 15 फीसदी के हिसाब से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स का भुगतान करना होता है।  

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