एरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं करने वाली एयर कंपनियों पर लगेगा जुर्माना 

मुंबई- प्राइवेट एयरलाइंस पैसे बचाने के लिए विमान में चढ़ने और उतरने के लिए एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। इससे आने वाले दिनों में उनके ऊपर जुर्माना लगाया जा सकता है।  

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 2018 में सभी भारतीय हवाईअड्डा ऑपरेटरों को एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें कहा गया था कि यदि पैसेंजर्स के बोर्डिंग और डिबोर्डिंग के लिए हवाईअड्डे में एक एयरोब्रिज है, तो इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। संसद की एक समिति ने सोमवार को सिफारिश की कि मंत्रालय को अपने सर्कुलर को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए और यदि कोई चूक होती है तो उस प्राइवेट एयरलाइंस को दंडित किया जाना चाहिए। 

एयरलाइंस कंपनियों की इस वजह से बुजर्गों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है और उन्हें सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। जिसे लेकर एक संसदीय ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें समिति ने प्राइवेट एयरलाइंस के इस उदासीन और अनुचित रवैये की निंदा की है।  

एरोब्रिज एक चलने वाली टनल है जो पैसेंजर के बोर्डिंग या डिबोर्डिंग के लिए हवाई अड्डे की बिल्डिंग से विमान तक फैली हुई होती है। एरोब्रिज का इस्तेमाल करने के लिए एयरलाइंस को हवाई अड्डे पर एक फिक्स चार्ज देना पड़ता है। संसदीय समिति की एक रिपोर्ट सोमवार को राज्यसभा में पेश की, जिसमें कहा गया है कि कुछ हवाई अड्डों में एरोब्रिज होने के बावजूद, एयरलाइंस पैसेंजर्स को बोर्डिंग और डिबोर्डिंग के लिए इस्तेमाल नहीं कर रही है और इसके बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल कर रही है। 

बयान में कहा गया है कि पैसेंजर्स से चार्ज वसूलने के बावजूद प्राइवेट विमानन कंपनियां ऑपरेशनल कॉस्ट कम करने के लिए एयरोब्रिज फैसिलिटी का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। जिसकी वजह से पैसेंजर्स, खासतौर से बुजुर्ग को एयरलाइन में चढ़ने के लिए पार्किंग स्टैंड की सीढ़ियों को चढ़ना पड़ता है। समिति प्राइवेट एयरलाइंस के इस उदासीन और अनुचित रवैये की निंदा करती है और सिफारिश करती है कि इस विषय पर उसके सर्कुलर को सख्ती से लागू किया जाए।  

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