चीन की कंपनियों के साथ पेटीएम ने डाटा शेयर किया, इसलिए हुई कार्रवाई  

मुंबई- पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने चीन की कुछ कंपनियों के साथ डेटा शेयर किया था। इसी वजह से रिजर्व बैंक ने इसे नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया। ब्लूमबर्ग के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 मार्च को रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक में नए ग्राहक जोड़ने पर पाबंदी इसलिए लगाई, क्योंकि कंपनी ने विदेशों में सर्वर पर डाटा शेयर किया। यह भारतीय नियमों के खिलाफ है। कंपनी ने इसके लिए ग्राहकों को वेरीफाई भी नहीं किया।  

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पेटीएम और इसके सीईओ विजय शेखर शर्मा के साथ संयुक्त उपक्रम में है। चीन का अलीबाबा ग्रुप और उसकी अन्य कंपनियां भी इसमें निवेशक हैं। जैकमा के एंट ग्रुप का भी पेटीएम में शेयर्स है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी एक ऑडिट फर्म नियुक्त करे और IT सिस्टम का ऑडिट कराए।  

कंपनी का शेयर सोमवार को 12 पर्सेंट से ज्यादा गिरकर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक की सालाना निरीक्षण (इंस्पेक्शन) रिपोर्ट में कंपनी के सर्वर से जानकारी साझा करने की बात सामने आई थी। इसने चीन की उन कुछ कंपनियों को डाटा की जानकारी दी, जो अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी में हिस्सेदार हैं।  

IT ऑडिटर्स की रिपोर्ट देखने के बाद RBI यह तय करेगा की पेटीएम को नए ग्राहकों को जोड़ने की अनुमति देना है या नहीं। RBI ने मटेरियल सुपरवाइजरी से जुड़ी चिंताओं के आधार पर ये रोक लगाई है। यह दूसरी बार है जब नियामक ने पेमेंट्स बैंक के खिलाफ सख्ती बरती है। अगस्त 2018 में, RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की थी।  

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने दिसंबर में 92.6 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन किए। पेटीएम की वेबसाइट के अनुसार उसके पास 30 करोड़ से ज्यादा वॉलेट और 6 करोड़ बैंक अकाउंट हैं। यह ग्राहकों को जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट, स्पेंड एनालिटिक्स, डिजिटल पासबुक, वर्चुअल डेबिट कार्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट, मनी ट्रांसफर की सुविधा देता है। 

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