नावी टेक ने आईपीओ के लिए फाइल किया पेपर, 3,350 करोड़ जुटाने की योजना  

मुंबई- फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल की कंपनी नावी टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के लिए सेबी को आवेदन भेज दिया है। कंपनी इश्यू से 3350 करोड़ रुपये तक जुटाने जा रही है। बंसल ने नवी का नाम अंग्रेजी शब्द Navigator से लिया है। कंपनी में सचिन बंसल की 97 फीसदी हिस्सेदारी है। 

यह शेयरों का पूरी तरह से प्राइमरी इश्यू होगा। इसमें ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं होगा। कंपनी ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिया है। नावी के डीआरएचपी के मुताबिक, कंपनी इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी कंपनियों नवी फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड और नवी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को कैपिटल मुहैया कराने के लिए करेगी। 

नावी टेक के आईपीओ के लिए एक्सिस कैपिटल, बीओएफए सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और क्रेडिट सुइस इनवेस्टमैंट बैंक होंगे। नावी ने ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। उसके बिजनेस में लोन, जनरल इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स और माइक्रोफाइनेंस शामिल हैं। 2019 ने नावी ने चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट का अधिग्रहण किया था। इसके लिए कंपनी ने 739 करोड़ रुपए चुकाए थे। चैतन्य ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास अप्लाई किया था। 

नावी टेक्नोलॉजीज ने 2021 में एस्सेल एमएफ के एसेट्स का अधिग्रहण किया था। उसने पिछले साल एक ब्लॉकचेन फंड के लिए भी अप्लाई किया था। इसे सेबी से स्टॉकब्रोकिंग का लाइसेंस भी मिल चुका है। सचिन बंसल ने कहा कि वह नावी को बैंक और एनबीएफसी की तरह देखते हैं। उन्होंने कहा था कि हम यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि अरबों लोगों का बैंक कैसा दिखता है। उन्होंने कहा था कि अरबों लोगों का बैंक ऑटोमेटेड और सिंपल होना चाहिए। इसके ग्राहकों ऐसी सुविधा होनी चाहिए, जिससे वे खुद अपनी मदद कर सकें। बैंकिंग स्विगी पर जाने और खाना ऑर्डर करने जितना आसान होना चाहिए। 

सचिन बंसल ने 2007 में फ्लिपकार्ट शुरू की थी। 2018 में उन्होंने इसे वॉलमार्ट को बेच दिया था। वॉलमार्ट अमेरिकी की बड़ी रिटेलिंग कंपनी है। नावी टेक्नोलॉजीज में अंकित अग्रवाल और परेश सुखथनकर की भी बड़ी हिस्सेदारी है। अंकित नावी के को-फाउंडर हैं। वह कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर भी हैं। सुखथनकर एचडीएफसी बैंक के पूर्व डिप्टी एमडी हैं। 

बंसल ने नावी में 4,000 करोड़ रुपये निवेश किया था। अनुमान है कि आईपीओ के बाद भी कंपनी में उनकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी बनी रहेगी। नावी के एक्टिव ग्राहकों की संख्या करीब 30 लाख है। इसने फरवरी में करीब 500 करोड़ रुपए का लोन दिया है। अभी नावी के बिजनेस में पर्सनल और होम लोन प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म, हेल्थ इश्योरेंस और माइक्रो फाइनेंस बिजनेस शामिल हैं।

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