रिजर्व बैंक ने HDFC बैंक के डिजिटल 2.0 से सभी प्रतिबंध हटाया 

मुंबई- भारतीय रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र के बड़े बैंक HDFC बैंक के डिजिटल 2.0 पर से सभी प्रतिबंध हटा लिया है। बैंक ने कहा कि इसके बाद अब वह सभी तरह की डिजिटल पहल को रोलआउट करेगा। यह जानकारी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी है।  

इससे पहले पिछले साल 21 अगस्त को रिजर्व बैंक ने केवल नए क्रेडिट कार्ड को लॉन्च करने की मंजूरी दी थी। उससे पहले 2020 दिसंबर में HDFC बैंक पर नया क्रेडिट कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रतिबंध की वजह से HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड बिजनेस पर काफी असर हुआ था। इसका सीधा फायदा ICICI बैंक और SBI को मिला।  

RBI ने यह कार्रवाई HDFC बैंक में बार-बार आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते की थी। इसके साथ ही इस पर कोई नई डिजिटल पहल करने पर भी रोक लगाई थी। रिजर्व बैंक ने इसी मामले में 2021 फरवरी में इसके IT डिपार्टमेंट के ऑडिट के लिए एक फर्म को नियुक्त किया था। जनवरी में HDFC बैंक ने RBI को बार-बार आ रही अड़चन से निपटने के लिए अपना प्लान सौंपा था।  

बैंक के IT सिस्टम में पिछले दो सालों से कई बार इस तरह की गड़बड़ी हुई हैं और लगातार हो रही हैं। इसी के बाद RBI ने यह कदम उठाया था। HDFC बैंक ने कहा था कि वह लगातार 2 साल से इस मामले में तमाम कदम उठा रहा है और रेग्युलेटर के नियमों के मुताबिक काम कर रहा है। 

बैंक ने कहा था कि वह तीन महीने में अपने IT ढांचे को पूरी तरह सुधार लेगा। इस मामले में 10 लाख रुपए जुर्माना भी बैंक पर लग चुका है। 21 नवंबर 2020 को बैंक की इंटरनेट बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम में गड़बड़ी पाई गई थी। यह गड़बड़ी प्राइमरी डेटा सेंटर में पावर फेल होने के कारण हुई थी। दिसंबर 2020 में RBI ने कहा था कि सभी नए डिजिटल प्रोग्राम बैंक को रोकने होंगे। दो साल में बैंक के लिए यह तीसरा बड़ा झटका लगा था। 

HDFC बैंक अपने डिजिटल 2.0 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था, जिसमें ढेर सारे डिजिटल चैनल लॉन्च होंगे। ऐसे में RBI का आदेश बैंक के लिए बड़ा झटका माना गया। इसके साथ ही अन्य सभी बिजनेस जनरेटिंग IT एप्लीकेशन को भी रोकने का आदेश दिया गया था। इसमें नए क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की सोर्सिंग करने पर भी पाबंदी लगाई गई थी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.