NBFC में जमा पैसे पर नहीं मिलती है बीमा की गारंटी, सोच-समझकर निवेश करें  

मुंबई- रिजर्व बैंक ने हाल में एक बुकलेट जारी किया है। इसमें बताया है कि अगर कोई NBFC आपसे डिपॉजिट का निवेश करने के लिए कहती है तो आपको पहले उसे पहचानना चाहिए। 

बुकलेट में रिजर्व बैंक ने NBFC में निवेश के समय सावधानी बरतने को कहा है। RBI ने इस बुकलेट को बी अवेयर (BE(A)WARE) नाम दिया है। इसमें आम तरीके बताए गए हैं कि कैसे आप इस तरह की कंपनियों को पहचान सकते हैं।  

कोई भी NBFC 12 महीने से कम और 60 महीने से ज्यादा समय के लिए डिपॉजिट नहीं ले सकती है। इस पर अधिकतम ब्याज भी 12.5% से ज्यादा नहीं मिलता है। रिजर्व बैंक ने NBFC की धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए तमाम कदम उठाया है। हाल में आए कुछ ठगी के मामले के बाद अब इसे और तेज किया जा रहा है।  

जब भी आप डिपॉजिट दें, कंपनी से सही रसीद हर डिपॉजिट के लिए लें। रसीद पर कंपनी के अथॉराइज्ड अधिकारी की साइन हो। इसमें डिपॉजिट की तारीख, जमा करने वाले का नाम, रकम शब्दों और अंकों में, ब्याज दर की जानकारी के साथ मैच्योरिटी की तारीख और रकम होनी चाहिए।  

रिजर्व बैंक ने कहा कि ग्राहकों को https://rbi.org.in पर जाकर डिपॉजिट लेने वाली कंपनियों की लिस्ट देखनी चाहिए। यहां पर इस तरह की कंपनियों की सूची दी जाती है। साथ ही इनके सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन को भी देखना चाहिए, जिसे रिजर्व बैंक जारी करता है। इस सर्टिफिकेट में डिपॉजिट के बारे में जानकारी दी जाती है। यह सर्टिफिकेट रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर होती है।  

यह ध्यान में रखें कि NBFC में जमा रकम सरकार के डिपॉजिट गारंटी के तहत सुरक्षित नहीं है। ब्रोकर्स या एजेंट को वेरीफाई करें। किस कंपनी के नाम पर वह रकम ले रहा है, उसे भी संबंधित NBFC से वेरीफाई करें।  

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