ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की स्कीम का दो सालों में बेहतर प्रदर्शन, 39% तक का रिटर्न मिला   

मुंबई- लंबे समय के निवेशकों के लिए बाजार में अभी की गिरावट एक बेहतर अवसर लेकर आई है। अगले 12 से 18 महीने के लिए सिस्टैमैटिकली निवेश किया जा सकता है। इस दौरान लार्ज कैप शेयर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। यह बात ICICI प्रूडेंशियल के कार्यकारी निदेशक (ED) और मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) एस. नरेन ने कही।  

पिछले दो सालों का अगर रिटर्न देखें तो 9 मार्च तक इक्विटी में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की तमाम स्कीम्स ने 25% से ज्यादा रिटर्न दिया है। इसके ब्लूचिप फंड ने 26.53%, लार्ज और मिड कैप फंड ने 30.52%, मल्टीकैप फंड ने 26.19%, इंडिया अपोर्च्युनिटीज फंड ने 39.87%, वैल्यू डिस्कवरी फंड ने 39.13%, फोकस्ड इक्विटी फंड ने 31.81 और डिविडेंड यील्ड इक्विटी ने 39.23% का रिटर्न दिया है।  

इसकी हाइब्रिड स्कीम में इक्विटी एंड डेट फंड का रिटर्न इसी दौरान 32.93%, मल्टी असेट फंड 31.61%, असेट अलोकेटर फंड ऑफ फंड ने 18.59% और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने 16.91% का रिटर्न दिया है।  

एस. नरेन ने कहा कि हम भारत की ग्रोथ स्टोरी को लेकर पॉजिटिव हैं। निवेशकों को ऐसे समय में असेट अलोकेशन करना चाहिए जो सिस्टैमैटिक निवेश इक्विटी और डेट फंड में हो। मार्केट सेगमेंट में उनका मानना है कि मिड और स्माल कैप की तुलना में लार्ज कैप अच्छे साबित होंगे। पिछले 6 महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 15.41 अरब डॉलर के शेयर्स बेचे हैं जो साल 2008 के बाद से सबसे ज्यादा है। ये निवेशक ज्यादातर लार्ज कैप में ही निवेश करते हैं।  

उन्होंने कहा कि इक्विटी सेगमेंट के निवेशक अगले 2-3 सालों के आधार पर निवेश कर सकते हैं। अगर यूक्रेन का मामला जल्द ही सुलझ जाता है तो बाजार में तेज रैली दिखेगी। हालांकि तेल की ऊंची कीमतें जरूर भारत के लिए चिंता वाली हैं। उनका कहना है कि 2020 मार्च के बाद से भारतीय बाजार ने अच्छी खासी रिकवरी की है। वे कहते हैं कि लंबे समय में इक्विटी का नजरिया पॉजिटिव ही रहता है। चाहे वह 2008 का संकट रहा हो, 2020 का रहा हो या अभी का हो, बाजार हर गिरावट से तेजी से निकला है। ऐसे में मल्टी असेट स्कीम आगे चलकर अच्छा रिटर्न दे सकती हैं।  

नरेन के मुताबिक, मार्च 2020 में सेंसेक्स के 26 हजार तक जाने के बाद यह फिर से 62 हजार के लेवल को टच कर गया। जिन लोगों ने इस गिरावट में निवेश किया होगा, उनके निवेश का वैल्यू डेढ़ साल में ही अच्छा खासा बढ़ा है। इस तरह से बाजार की ऐसी गिरावट निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित होती हैं।  

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