सोने के दाम बढ़े तो शादियाँ कैंसिल होने लगीं, अब दो-दो महीने टल रही हैं  

मुंबई- रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का फिलहाल कोई अंत न होता देख भारत के गोल्ड मार्केट पर असर दिखने लगा है। अब यहाँ सोना 53,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया है। देखा जा रहा है कि अक्सर लोग जौहरियों को दिए गए अपने ऑर्डर्स रद्द करने लगे हैं।  

गौरतलब है कि पिछले एक पखवाड़े में सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 7.38% बढ़कर 49,938 रुपए से 53,595 रुपए हो गई है। इसने खरीदार के बजट को हिला दिया है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में कई परिवार शादियों को दो महीने तक के लिए टाल रहे हैं क्योंकि उनका बजट खराब हो रहा है। 

हमेशा से दक्षिण भारत देश में सोने का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। चार दक्षिणी राज्यों में भारत की कुल वार्षिक सोने की 800-850 टन खपत का 40% से अधिक हिस्सा यहीं खप जाता है। सोने की खपत में तमिलनाडु सबसे आगे है, उसके बाद केरल है। मुंबई के एक प्रसिद्ध ज्वेलर्स ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होने के बाद खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं के ऑर्डर बहुत कम हो गए हैं।

यह भी देखा जा रहा है कि लोग अप्रैल और मई की शादी के लिए अपनी योजना को टाल रहे हैं। छोटे बजट वाली शादियों को टाला जा रहा है, क्योंकि वे सोने की कीमतों में कमी होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा ट्रेंड दक्षिण भारत में अधिक दिखाई देता है, जहां सोने का लेन-देन किसी भी शादी में काफी प्रचलित होता है। 

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि देश के सबसे बड़े सोने के केंद्र झवेरी बाजार में सोने का कारोबार ठप हो गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले हफ्ते से सोने की कीमत तेजी से बढ़ गई है। लोग ऑर्डर रद्द करने लगे हैं। 

सोने की बढ़ती कीमतों के कारण लगभग 15-20% शादियों की तारीख आगे बढ़ा दी गई हैं। छोटे बजट की शादियों को बड़े पैमाने पर दो महीने के लिए टाला जा रहा है, क्योंकि वे इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि रूस-यूक्रेन मोर्चे पर क्या होता है या कब खत्म होता है। वे युद्ध के जल्द से जल्द खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि सोने की कीमतें नीचे आ सकें और स्थिर हो सकें। 

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