37 साल बाद भाजपा तोड़ेगी रिकार्ड, पहली बार दोबारा सरकार की वापसी

मुंबई- 37 साल से उत्तर प्रदेश में किसी पार्टी की लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बनी। 1985 में कांग्रेस लगातार दूसरी बार यहां चुनाव जीती थी। इस सरकार का टर्म पूरा होने के अगले करीब 19 सालों तक राज्य में हंग असेंबली रही।

2007 से हर 5 साल बाद सरकार बदली है। पहले मायावती फिर अखिलेश और फिर योगी मुख्यमंत्री बने। इस बार यदि फिर भाजपा की सरकार बनती है तो 37 साल में पहली बार ऐसा होगा। देश में कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल और राजस्थान में भी लंबे अरसे से ऐसा ही ट्रेंड है। 2017 में मोदी लहर से भाजपा को बहुमत मिला। योगी ने 312 सीटें जीतीं।

उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में ये दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। 403 सीटों में से 77.41% सीटें भाजपा को मिली थीं। अविभाजित उत्तर प्रदेश में 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता दल को 352 सीटें मिली थीं। तब विधानसभा का साइज 425 सीटों का था और जनता दल को इसमें से 82.82% सीटें मिलीं थीं। यूपी में तीसरी सबसे बड़ी जीत कांग्रेस के नाम पर है, जब 1980 में उसने 425 में से 309 सीटें यानी 72.70% सीटों पर जीत दर्ज की थी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार 60.31% वोटिंग हुई है। 2017 में ये आंकड़ा 61.28% था यानी इस बार करीब एक फीसदी वोट कम पड़े हैं। 2012 में 59.5% वोट डाले गए थे। अगर पिछले 11 चुनावों में यूपी की वोटिंग हिस्ट्री पर नजर डालें तो 2017 में ही सबसे अधिक मतदान हुआ था। 2022 की वोटिंग दूसरे नंबर पर है। सबसे कम वोटिंग की बात करें तो 1980 में 44.9% का आंकड़ा सबसे निचले पायदान पर है। इसके बाद 1985 में सबसे कम 45.6% वोट डाले गए थे।

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