शेयर बाजार में साल 2000 के जैसे भारी गिरावट आने की आशंका   

मुंबई- जेफरीज (Jefferies) के ग्लोबल इक्विटीज हेड, क्रिस्टोफर वुड (Christopher Wood) का कहना है कि बाजारों में आई हालिया गिरावट अभी बस शुरुआत है और आने वाले दिनों में इसमें भी बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। मौजूदा दौर में सबसे अधिक गिरावट टेक शेयरों में देखी जा रही है।  

क्रिस्टोफर वुड ने टेक शेयरों की इस गिरावट को साल 2000 में ग्लोबल लेवल पर आई भारी गिरावट से जोड़ते हुए कहा कि उस वक्त भी इसी तरह पहले डॉटकॉम शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी और उसके कुछ महीनों बाद पूरा बाजार बैठ गया था। वुड ने अपने हालिया वीकली न्यूजलेटर में कहा, “आज की स्थिति को साल 2000 में न्यूयॉर्क एक्सचेंज सहित दुनिया भर के बाजारों में आई भारी गिरावट से जोड़कर देखा जा सकता है।  

उन्होंने कहा कि उस वक्त सबसे पहले डॉटकॉम कंपनियों का शेयर गिरा था, जबकि बाकी बाजार थोड़ी अस्थिरता के साथ कारोबार कर रहा था। लेकिन फिर हम सबने देखा कि अगले छह महीनों में S&P500 इंडेक्स भी धराशायी हो गया। अमेरिका और भारत सहित दुनिया भर में टेक कंपनियों या नए जमाने की कंपनियों के शेयरों में पिछले एक-दो महीने से भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। अमेरिका में लगभग सभी प्रमुख टेक कंपनियों को शामिल करने वाला इंडेक्स नैस्डाक 100 पिछले कुछ महीनों में 16 फीसदी से अधिक गिर चुका है। 

भारत में भी पेटीएम, जोमैटो, कार ट्रेड और पीबी फिनटेक समेत कई नए जमाने की कंपनियों के शेयर अपने सबसे निचले स्तर या उसके आसपास कारोबार कर रहे हैं। इनमें से कई कंपनियों के शेयर तो अपने आईपीओ इश्यू प्राइस से भी नीचे के दाम पर ट्रेड कर रहे हैं। वहीं अमेरिका में सबसे ज्यादा गिरावट फेसबुक में देखने को मिली है।  

फेसबुक कुछ हफ्तों पहले 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक की मार्केट वैल्यू के साथ दुनिया की छठी सबसे बड़ी कंपनी थी। हालांकि गुरुवार को फेसबुक के शेयर गिरकर 565 अरब डॉलर के मार्केट वैल्यू पर बंद हुए और अब यह बड़ी कंपनियों की लिस्ट में खिसकर 11वें नंबर पर आ गई है। इस तरह फेसबुक के शेयरहोल्डरों की संपत्ति पिछले कुछ हफ्तों में घटकर आधी हो गई है। 

क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि अब यह गिरावट नहीं रुकने वाली है। उन्होंने कहा, “मुझे आज की स्थिति सन 2000 की याद दिलाती है। मेरा मानना है कि अब ये गिरावट नहीं रुकने वाली है और अब धीरे-धीरे इसका असर दूसरे सेक्टर में भी देखने को मिल सकता है।” मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को इस समय आय में अच्छी ग्रोथ वाली मार्केट लीडर कंपनियों के साथ बने रहने की जरूरत है। 

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