एसबीआई की तुलना में एलआईसी का फायदा केवल 10 पर्सेंट

मुंबई- अमूमन ज्यादातर कंपनियों का जब आईपीओ आता है तो उनका रिजल्ट या फायदा अचानक आसमान पर पहुंच जाता है। नायका से लेकर ऐसी बहुतेरी कंपनियां हैं। एलआईसी भी इसी लिस्ट में शामिल हो गई है।  

एलआईसी ने मंगलवार को एक विज्ञापन जारी किया। इसमें उसने कहा कि सितंबर 2020 की छमाही में उसका फायदा कुछ नहीं था। लेकिन 2021 के सितंबर की छमाही में यह 1436 करोड़ रुपए हो गया। यानी फायदा इतना गुना कि इसका हिसाब लगाना मुश्किल हो जाए। हालांकि इसका कारण यह है कि कंपनी इसके पहले रिजल्ट जारी नहीं करती थी। इस वजह से उसका फायदा नहीं दिखता था।  

इस आधार पर देखा जाए तो एलआईसी का सालाना फायदा करीबन 2900 करोड़ रुपए हो सकता है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की तुलना में यह काफी कम है। एसबीआई का सितंबर तिमाही में फायदा 7,627 करोड़ रुपए था। यानी उसका इस आधार पर सालाना फायदा 28 हजार करोड़ रुपए हो सकता है। जून में बैंक का फायदा 6,504 करोड़ रुपए था।  

इसने विज्ञापन में कहा कि निवेश की इनकम बढ़ने से ऐसा फायदा उसे हुआ है। कंपनी ने कहा कि यह उसका फायदा ब्याज, किराया और अन्य वजहों से हुआ है। इसकी कुल इनकम 1.33 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 1.49 लाख करोड़ रुपए इसी दौरान हो गई है। कंपनी का शुद्ध प्रीमियम 1.86 लाख करोड़ रुपए रहा जो कि एक साल पहले 1.84 लाख करोड़ रुपए था।  

एलआईसी इसी महीने के अंत तक सेबी के पास अपना मसौदा जमा कराने वाली है। इस मसौदो में कंपनी सितंबर तक के रिजल्ट की जानकारी देगी। इसकी योजना है कि मार्च से पहले इसे लिस्ट करा दिया जाए। इससे कंपनी एक लाख करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। यह अब तक के सबसे बड़े इश्यू पेटीएम के 18300 करोड़ से 5 गुना ज्यादा होगा।  

एलआईसी ने कहा कि उसका कुल इंडिविजुअल पेँशन प्रीमियम नॉन लिंक्ड का 4,432 करोड़ रुपए से बढ़कर 5636 करोड़ रुपए हो गया। सितंबर छमाही तक एलआईसी का कुल प्रीमियम इंडिविजुअल 737 करोड़ रुपए से बढ़कर 1085 करोड़ रुपए हो गया। इसका निवेश 5.9 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 37.72 लाख करोड़ रुपे रहा है।  

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