डेलहीवरी के IPO को मिली सेबी की मंजूरी, जुटाएगी 7,460 करोड़

मुंबई- सेबी ने डेलहीवरी के IPO को मंजूरी दे दी है। कंपनी बाजार से 7,460 करोड़ रुपए जुटाएगी। उधर, अडाणी विल्मर ने अपने इश्यू का साइज घटा दिया है। डेलहीवरी पहला टॉप टियर स्टार्टअप है, जिसे इस साल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने के लिए सेबी की मंजूरी मिली है।  

इस कंपनी में सॉफ्टबैंक और कारलाइल का निवेश है। इसने नवंबर में रेगुलेटर के पास IPO के लिए मसौदा जमा कराया था। 7,460 करोड़ में से यह 2,460 करोड़ रुपए ऑफर फॉर सेल के जरिए जुटाएगी। ऑफर फॉर सेल में वर्तमान निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। जबकि कंपनी 5 हजार करोड़ रुपए इसके अलावा जुटाएगी।  

अडाणी ग्रुप की FMCG कंपनी अडाणी विल्मर ने इश्यू का साइज घटा दिया है। पहले कंपनी 4,500 करोड़ रुपए जुटाने वाली थी। अब इसने इसे 3,600 करोड़ रुपए कर दिया है। अडाणी विल्मर खाने का तेल बेचती है। इसका ब्रांड फॉर्च्यून है। यह कंपनी सिंगापुर की विल्मर के साथ में 50-50 की भागीदारी में है। यह 3,600 करोड़ नए शेयर्स के जरिए जुटाएगी। पहले 4,500 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी की थी।  

IPO से जुटाई गई रकम में से 1,900 करोड़ रुपए कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च होगा, जबकि 1,100 करोड़ रुपए कर्ज को वापस करने में खर्च होगा। 500 करोड़ रुपए दूसरी कंपनियों को खरीदने और निवेश पर लगाया जाएगा। अडाणी विल्मर देश में सबसे बड़ी फूड FMCG कंपनी है। इसका रेवेन्यू 37,195 करोड़ रुपए है। यह आक्रामक तरीके से दूसरी कंपनियों को खरीदने की योजना बना रही है।  

अडाणी ग्रुप की अभी 6 कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। इसमें अडाणी एंटरप्राइजेज, अडाणी ट्रांसमिशन, अडाणी ग्रीन एनर्जी, अडाणी पावर, अडाणी टोटल गैस और अडाणी पोर्ट हैं। सबसे ज्यादा मार्केट कैप अडाणी ग्रीन एनर्जी का है जो 2.65 लाख करोड़ रुपए है। जबकि अडाणी ट्रांसमिशन का 2.21 लाख करोड़ रुपए है। अडाणी एंटरप्राइजेज का वैल्यूएशन 2.05 लाख करोड़ रुपए है। इन सभी का मार्केट कैप मिलाकर 10.90 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसमें 3 कंपनियां 2-2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा वैल्यूएशन वाली हैं।  

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