AGS ट्रांजेक्ट का IPO 19 जनवरी से, 166 से 175 रुपए भाव, 3 बार पहले भी की थी इश्यू लाने की कोशिश

मुंबई- पेमेंट से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले कंपनी एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज के IPO का प्राइस बैंड तय हो गया है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए 166-175 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है जो अगले हफ्ते 19-21 जनवरी तक खुलेगा। पहले यह आईपीओ 800 करोड़ रुपये का था जो अब 680 करोड़ रुपये का हो गया है। 

एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज ने इससे पहले भी आईपीओ लाने की कोशिश की थी। वर्ष 2018 में कंपनी को सेबी से आईपीओ के जरिए 1 हजार करोड़ रुपए जुटाने की मंजूरी मिल गई थी लेकिन कंपनी ने आईपीओ नहीं लाया था। इससे पहले कंपनी ने 2015 में 1350 करोड़ रुपए जुटाने के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल किए थे और 2010 में भी सेबी के पास पेपर जमा किए थे। 

लॉट साइज 85 शेयरों का तय किया गया है यानी कि निवेशकों को प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से कम से कम 14875 रुपए का निवेश करना होगा। इस इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि कंपनी के वर्तमान प्रमोटर और अन्य शेयरधारक अपनी कुछ हिस्सेदारी की ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत बिक्री करेंगे। ओएफएस के तहत कंपनी के प्रमोटर रवि बी गोयल 677.58 करोड़ रुपए के शेयरों की बिक्री करेंगे।  

इससे पहले वह 792 करोड़ रुपये के शेयर बेचना चाहते थे। इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (QIB), 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों और 115 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए आरक्षित किया गया है। शेयरों का अलॉटमेंट 27 जनवरी को फाइनल हो सकता है और इसकी लिस्टिंग के लिए 1 फरवरी के दिन हो सकती है। 

एटीएम से जुड़ी सेवाओं से होने वाले रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की दूसरी सबसे बड़ी और पेट्रोल पंपों पर पीओएस टर्मिनल्स लगाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। इसका कारोबार न सिर्फ भारत में बल्कि श्रीलंका, कंबोडिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे एशियाई देशों में भी फैला हुआ है। 

31अगस्त 2021 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी ने 2,21,066 मर्चेंट पीओएस, 17,924 पेट्रोलियम आउटलेट्स, 72 हजार एटीएम व सीआरएम, 461800 कैश बिलिंग टर्मिनल, 88,521 कलर डिस्पेंसिंग मशीन इंस्टॉल किए हैं। इसका कारोबार 4.46 लाख मशीन या कस्टमर टच प्वाइंट्स के जरिए 2200 शहरों व नगरों में है। वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 83.01 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ था जबकि अगले ही वित्त वर्ष 2021 में इसका शुद्ध मुनाफा घटकर 54.79 करोड़ रुपए रह गया। 

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