मुकेश अंबानी से अमीर है मैकडॉनल्ड्स के पूर्व कर्मचारी

मुंबई- मैकडॉनल्ड्स के पूर्व कर्मचारी चांगपेंग झाओ एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी से धनी हैं। उनकी संपत्ति 96 अरब डॉलर आंकी गई है। जबकि अंबानी की नेटवर्थ 92 अरब डॉलर है।

यह अमीर पहले मैकडॉनल्ड्स का बर्गर-फ्लिपर और सॉफ्टवेयर डेवलपर हुआ करता था। यह शख्स रातों-रात दुनिया के सबसे धनी लोगों के क्लब में प्रवेश कर गया। झाओ क्रिप्टोकरेंसी के बादशाह हैं। उन्हें सी जेड के नाम से जाना जाता है। वह संयुक्त अरब अमीरात में तेजी से एक किवदंती बनते जा रहे हैं। झाओ अपना बिनांस एक्सचेंज लाने के लिए उत्सुक हैं।

झाओ ने दुबई में एक अपार्टमेंट खरीदा है और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के पास और शहर के पाम जुमराह द्वीप पर डिनर की मेजबानी की है। 44 वर्षीय झाओ की कुल संपत्ति 96 बिलियन डॉलर है। यह पहली बार है जब ब्लूमबर्ग ने उनकी दौलत का अनुमान लगाया है। वे एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी, मार्क जुकरबर्ग और गूगल के संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन से ज्यादा अमीर हैं।

दरअसल, झाओ की संपत्ति इससे भी ज्यादा हो सकती है। इसमें उनकी व्यक्तिगत क्रिप्टो होल्डिंग्स को ध्यान में नहीं रखा गया है। इसमें बिटकॉइन और उनकी फर्म का अपना टोकन भी शामिल है। बिनांस कॉइन पिछले साल लगभग 1,300% बढ़ी है।

नवंबर में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा था कि इस पूर्व एग्जिक्यूटिव के फर्म का नेटवर्थ 300 अरब डॉलर हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि कंपनी टेस्ला के एलन मस्क और अमेजन के जेफ बेजोस से आगे निकल सकती है। मस्क 282 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया में पहले नंबर पर हैं। बेजोस 192 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

नवंबर में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा था कि इस पूर्व एग्जिक्यूटिव के फर्म का नेटवर्थ 300 अरब डॉलर हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि कंपनी टेस्ला के एलन मस्क और अमेजन के जेफ बेजोस से आगे निकल सकती है। मस्क 282 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया में पहले नंबर पर हैं। बेजोस 192 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

कनाडा के नागरिक झाओ का जन्म चीन के जिआंगसु राज्य में हुआ था। उनके पिता यूनिर्वसिटी में प्रोफेसर थे। उनको सांस्कृतिक क्रांति के दौरान ग्रामीण इलाकों में निर्वासित कर दिया गया था और तब उनकी उम्र महज 12 साल की थी। तब उनके परिवार को वैंकूवर ले जाया गया। कम उम्र में टेक्नोलॉजी के संपर्क में आने के बाद झाओ ने बाद में कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई की। बाद में ब्लूमबर्ग एलपी में चार साल के कार्यकाल सहित टोकियो और न्यूयॉर्क में फाइनेंस कंपनियों में काम किया।

शंघाई में 2013 में बीटीसी चीन के तत्कालीन सीईओ बॉबी ली और निवेशक रॉन काओ के साथ एक दोस्ताना पोकर गेम के दौरान शुरू हुआ। उन्होंने दोनों को अपने नेटवर्थ का 10% बिटकॉइन में डालने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ समय इसका अध्ययन करने के बाद उन्होंने इसका फायदा उठाया और बिटकॉइन के लिए अपना अपार्टमेंट बेच दिया। 2017 में उन्होंने बिनांस की स्थापना की और यह जल्द ही एक क्रिप्टो पावर हाउस में तब्दील हो गया।

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