22 साल में बना था ताजमहल, शादी के बाद से मरने तक हर साल गर्भवती रही मुमताज

मुंबई- पूरी दुनिया में प्रेम का प्रतीक माने जाने वाला आगरा का ताजमहल 22 सालों में बनकर तैयार हुआ था। आज ही के दिन ताजमहल बनवाने वाले शाहजहां का जन्म हुआ था। शाहजहां की तीसरी पत्नी मुमताज शादी के बाद से मरने तक हर साल गर्भवती रहीं।

1631 में शुरू हुआ इसका निर्माण कार्य 1653 में पूरा हुआ। ताजमहल के पीछे शाहजहां काला ताज भी बनाना चाहते थे, लेकिन अपने बेटे औरंगजेब के साथ उनका टकराव शुरू हो गया। 22 जनवरी 1666 को आगरा में शाहजहां की मौत हो गई।

5 जनवरी 1592 को गुरुवार के दिन जहांगीर की बेगम ने एक बेटे को जन्म दिया। जहांगीर ने अपने पिता अकबर से उसके बेटे का नाम रखने की इच्छा जताई। अकबर ने उसे खुर्रम बुलाया। फारसी में खुर्रम का मतलब होता है खुशी। अकबर खुर्रम के दादा थे। खुद अनपढ़ थे, लेकिन उन्होंने खुर्रम को तालीम दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अकबर का खुर्रम से इतना लगाव हो गया था कि वो जंग में खुर्रम को भी साथ ले जाने लगा। यहीं से सफर शुरू हुआ खुर्रम के ‘शाहजहां’ बनने का।

1627 में जहांगीर की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद 1628 में खुर्रम ने तख्त संभाला। तख्त संभालने के बाद खुर्रम का नाम शाहजहां हो गया। शाहजहां यानी दुनिया का राजा। शाहजहां ने उत्तर दिशा में कंधार तक अपना राज्य फैला दिया और दक्षिण भारत का ज्यादातर हिस्सा जीत लिया। शाहजहां ने 1658 तक राज किया और इन 30 सालों के राज में उसने काफी कुछ हासिल किया।

जहांगीर के दौर में वजीर थे एतमाउद्दौला। इन्हीं एतमाउद्दौला के बेटे थे अबु हसन आसफ खान। अबु हसन आसफ खान की बेटी थीं अर्जुमंद बानो जिन्हें बाद में मुमताज के नाम से जाना गया। मुमताज शाहजहां की तीसरी पत्नी थी। उनसे पहले शाहजहां की दो और बेगम थीं। अप्रैल 1607 में 14 साल की अर्जुमंद और 15 साल के खुर्रम की सगाई हुई। फिर 10 मई 1612 को सगाई के करीब 5 साल बाद दोनों का निकाह हुआ। अर्जुमंद से सगाई और निकाह के बीच खुर्रम ने दो और शादियां की थीं।

मुमताज और शाहजहां के बीच बहुत ज्यादा मोहब्बत थी। दोनों के 13 बच्चे हुए। निकाह से लेकर मौत तक मुमताज करीब हर साल गर्भवती रहीं। जून 1631 में 14वें बच्चे को जन्म देने के दौरान मुमताज की मौत हो गई।

शाहजहां अपने शासनकाल में बहुत सी इमारतें बनवाईं। इन्हीं इमारतों में से एक ताजमहल है। 1631 में जब मुमताज की मौत हो गई, तो शाहजहां ने उसके मकबरे के लिए ताजमहल बनवाया। ताजमहल के मुख्य आर्किटेक्ट थे उस्ताद ईशा खान, जो उस समय के मशहूर आर्किटेक्ट थे। ताजमहल बनाने में फारस और तुर्की के अलावा भारत के 20 हजार मजदूरों ने काम किया। एक हजार हाथी तो सिर्फ माल ढोने के लिए लगे थे।

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