मोदी ने कहा, किसान मेरे लिए नहीं मरे हैं, गवर्नर मलिक से हुआ झगड़ा

मुंबई- मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी रहने के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे। जब मुलाकात हुई तो वे बहुत घमंड में थे। मलिक ने यह भी कहा कि जब वे गृह मंत्री अमित शाह से मिले तो उनका कहना था कि किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री को गलत फीडबैक दिया गया है।

मलिक ने कहा कि ‘मैं किसानों के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने गया। वहां मेरी 5 मिनट में लड़ाई हो गई। प्रधानमंत्री बहुत घमंड में थे। जब मैंने उन्हें कहा कि 500 लोग मर गए हैं, तो उन्होंने कहा- मेरे लिए मरे हैं? इस पर मैंने कहा कि आपके लिए तो मरे हैं, जो आप राजा बने हुए हो। वहां झगड़ा हो गया।’

सत्यपाल मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की सलाह दी। इसके बाद वे शाह से मिले तो शाह ने उनसे कहा कि लोगों ने उन्हें गलत फीडबैक दिया है। तुम बेफिक्र रहो, मिलते रहो। किसी न किसी दिन उन्हें यह बात समझ आ जाएगी।
मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन अभी खत्म नहीं, बल्कि स्थगित हुआ है। किसानों के साथ कोई नाइंसाफी या अत्याचार हुआ, तो यह दोबारा शुरू हो सकता है। दिल्ली के बॉर्डर पर

सालभर से बैठे किसानों ने 11 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार के लिखित आश्वासन के बाद घर वापसी की थी। केंद्र सरकार से किसान संगठनों को आश्वासन दिया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा खेती विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और किसान यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हालांकि अभी तक इस कमेटी का गठन नहीं हुआ है।

आंदोलन के दौरान किसानों पर पुलिस ने हजारों केस दर्ज किए। सरकार ने ये केस वापस लेने का भी भरोसा दिलाया था मगर ऐसा नहीं हुआ है। हरियाणा में 48 हजार से ज्यादा किसानों पर दर्ज कुल 272 केसों में से 178 की चार्जशीट कोर्ट में फाइल हो चुकी है। 57 केस अनट्रेस थे जबकि 29 मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया पेंडिंग है।

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