प्राइवेट कंपनियों की तुलना में एलआईसी का ग्रोथ घटी

मुंबई- प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों की तुलना में LIC का प्रदर्शन नवंबर में खराब रहा। फर्स्ट ईयर प्रीमियम में LIC की नवंबर में 32% की ग्रोथ रही। जबकि प्राइवेट की ग्रोथ 58.63% की रही।  

बीमा रेगुलेटर IRDAI के आंकड़े बताते हैं कि LIC का प्रीमियम 2020 नवंबर में 12,092 से बढ़कर 2021 नवंबर में 15961 करोड़ रुपए था, जबकि प्राइवेट कंपनियों का प्रीमियम इसी दौरान 7,066 करोड़ से बढ़कर 11,209 करोड़ रुपए रहा। साला आधार पर नवंबर 2020 तक कुल प्रीमियम 1.15 लाख करोड़ रुपए था जो नवंबर 2021 में 0.93% घटकर 1.14 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी यह ग्रोथ माइनस में रही। 

इसी दौरान प्राइवेट कंपनियों का प्रीमियम 51 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 66,184 करोड़ रुपए हो गया। यानी इसमें 29.76% की बढ़त रही। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC चाहती है कि उसका प्रीमियम का 75% हिस्सा डिजिटल से आए। LIC ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी किया। इसमें उसने बताया कि मुंबई के बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स (बीकेसी) में डिजीजोन का उदघाटन किया। इसके जरिए ऑन लाइन पॉलिसी खरीदी जा सकती है और साथ ही प्रीमियम का पेमेंट भी किया जा सकता है।  

आंकड़े बताते हैं कि वित्तवर्ष 2021 में कुल प्रीमियम का करीबन 43% हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म से आया। वित्तवर्ष 2019 में यह आंकड़ा 26% का था। यानी दो सालों में इसमें 17% की बढ़त देखी गई है। इसने 2019 से लेकर अब तक कुल 565 करोड़ रुपए का निवेश सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) पर किया है।  

मार्च 2021 तक LIC के पोर्टल पर कुल 52 लाख रजिस्टर्ड ग्राहक थे। इसी साल में इसके पोर्टल ऐप पर पॉलिसी प्रीमियम में 95% की ग्रोथ हुई थी। सालाना आधार पर इसने कुल कलेक्शन में ऑनलाइन, पोर्टल और ऐप के जरिए वित्तवर्ष 2021 में 88% की ग्रोथ हासिल की है।  

LIC इस समय अपने IPO की तैयारी कर रही है। लिस्टिंग के बाद इसका मार्केट कैप 8-10 लाख करोड़ रुपए होगा। इस तरह से यह तीसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी। हालांकि इसका इश्यू अगले वित्तवर्ष के लिए टल सकता है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू होगा। इसके जरिए सरकार 80 हजार से एक लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published.