नए साल में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो-स्टील की कीमतें बढ़ेंगी

मुंबई- महंगाई से नए साल की शुरुआत होने जा रही है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर ऑटो, स्टील की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसके साथ ही फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) प्रोडक्ट और लॉजिस्टिक्स के लिए भी आपको ज्यादा दाम चुकाने होंगे।   

मारुति, टाटा मोटर्स, हीरो जैसी कंपनियों ने अनाउंस किया है कि वे जनवरी से अपने प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ा देंगी। इसी तरह लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी किराए में बढ़ोत्तरी करेंगी। ये कंपनियां मुख्य रूप से कंटेनर की कीमतें कई बार इस साल में बढ़ा दी हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि डीजल का भाव लगातार ऊपर रहा। हालांकि दो महीने से डीजल का प्राइस स्थिर है।  

पार्ले ने कहा कि वह अगली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के दौरान 4 से 5% की बढ़ोत्तरी प्रोडक्ट के प्राइस में करेगी। हीरो मोटो कॉर्प ने कहा कि 4 जनवरी से 2 हजार रुपए तक कीमतों को बढ़ाएगा। मारुति ने भी दाम बढ़ाने का ऐलान किया है। इसने इस साल में तीन बार प्राइस बढ़ाई है और अब चौथी बार की तैयारी है। 18 महीने में 6 बार इसने ऐसा किया है और 4-9% बढ़ाया है।  

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियों ने इस साल में 3 से 5% तक प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाई थीं। अब अगले महीने से 6-10% और दाम बढ़ेंगे। FMCG प्रोडक्ट की भी हाल कुछ ऐसी है। अगले तीन महीने में इस सेक्टर की कंपनियां अपने प्रोडक्ट की 4 से 10% तक कीमतें बढ़ाने वाली हैं।  

पिछले 6 महीने में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), डाबर, ब्रिटानिया और मैरिको के साथ अन्य कंपनियों ने 5 से 12% की बढ़ोत्तरी कीमतों में की थीं। ऑटो सेक्टर तो पहली जनवरी से ही ज्यादातर प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ा देगा। मारुति, ह्यूंडई, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्कोडा और टोयोटा के साथ हीरो मोटो ने पहले ही कीमतें बढ़ा दी हैं। इन्होंने इस साल में कई बार दाम बढ़ाए हैं। 

स्टील कंपनियों ने भी प्राइस बढ़ा दी है। हालांकि कुछ महीने से इसकी भी कीमतों में स्थिरता है। तीसरी तिमाही में स्टील का भाव बढ़कर 77 रुपए प्रति किलो हो गया था। यह अप्रैल 2020 में 38 रुपए प्रति किलो था। इसी तरह कॉपर का भाव मई 2020 में 5,200 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 9,700 डॉलर हो गया। अल्युमिनियम का दाम 1,700 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 2,700 डॉलर प्रति टन हो गया।  

डाबर ने इस साल में प्रोडक्ट की कीमतें 4% बढ़ाईं तो हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी इसी तरह की बढ़ोत्तरी नवंबर में की थी। इसने रिन, सर्फ एक्सल के साथ कई प्रोडक्ट का दाम बढ़ाया था। कंपनियों के मार्जिन पर पड़ते असर के कारण कई प्रोडक्ट का वजन ही घटा दिया गया। इसमें बिस्कुट, साबुन जैसे प्रोडक्ट थे।  

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