NCD पर मिलता है FD से ज्यादा ब्याज, अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों में करें निवेश

मुंबई- अगर आप बैंक या कंपनियों की फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर कमाई चाहते हैं तो आप नॉन कनवर्टिबल डिबेंचर (NCD) का विकल्प अपना सकते हैं। इन पर 8% से ज्यादा ब्याज मिलता है। इनमें से अधिकतर का फेस वैल्यू एक हजार रुपए होता है। ये स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होते हैं और इक्विटी शेयर की तरह कारोबार करते हैं। ये उन निवेशकों के लिए सही होते हैं जो बैंक या कॉर्पोरेट FD की तुलना में किसी दूसरे विकल्प की तलाश में होते हैं।  

NCD एक तरह के फिक्स्ड इनकम का निवेश वाला साधन होता है। इसे कॉर्पोरेट की ओर से जारी किया जाता है। यह कुछ तय समय के लिए ही जारी किए जाते हैं। इनका ब्याज छमाही या फिर सालाना या फिर 3 महीने में भी मिलता है। किसी-किसी में यह मैच्योरिटी यानी जब तक इसकी अवधि होती है, तब ब्याज मिलता है।  

टाटा कैपिटल फाइनेंशियल की भी रेटिंग AAA की है। यह सालाना 8.90% का ब्याज देती है। यह हर साल 27 सितंबर को निवेशकों को ब्याज देती है। यह टाटा ग्रुप की कंपनी है जो कॉमर्शियल फाइनेंस, वेल्थ मैनेजमेंट, कंज्यूमर लोन आदि का कारोबार करती है।  

NTPC के NCD की बात करें तो इसकी क्रेडिट रेटिंग AAA की है। इस पर 8.49% का सालाना ब्याज मिलता है। ब्याज साल में एक बार 25 मार्च को ही दिया जाता है। NTPC इलेक्ट्रिसिटी और इससे जुड़ी गतिविधियों के सेक्टर में शामिल है। इसकी NCD मार्च 2015 में जारी की गई थी।  

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप भी NCD जारी करता है। इसकी दूसरी कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस को क्रिसिल ने AA की रेटिंग दी है। इसकी NCD पर 7.05% का ब्याज मिलता है जो हर साल एक अप्रैल को दिया जाता है। इंडिया इंफोलाइन अपनी NCD पर 10% का ब्याज देती है। इसकी रेटिंग एए की है। यह ग्रुप तमाम सेक्टर में है। यह गोल्ड लोन, होम लोन, बिजनेल लोन और माइक्रोफाइनेंस आदि के लिए कर्ज देती है। इसे क्रिसिल ने एए की रेटिंग दी ही। 

JM फाइनेंशियल की NCD पर निवेशकों को 9.11% का ब्याज हर साल मिलता है। यह ब्याज हर महीने में दिया जाता है। यह डिपॉजिट नहीं लेने वाली कंपनी है जिसे AA की रेटिंग मिली हुई है। इंडियाबुल्स भी इसी तरह की NCD जारी करती है। इसे AA की रेटिंग प्राप्त है। यह सालाना 9.15% का ब्याज देती है। हर साल 26 सितंबर को इसका ब्याज निवेशकों के खाते में क्रेडिट होता है। यह हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की कंपनी है।  

NCD पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। जानकारों के मुताबिक कम से कम 3 साल के निवेश का लक्ष्य रखना चाहिए। इसका फायदा यह होता है कि आपको लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है जो कम होता है। जबकि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स ज्यादा लगता है।  

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