जियो मार्ट से वॉट्सऐप से मंगा सकते हैं किराना सामान, डिलीवरी मुफ्त

मुंबई- रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को चुनौती देने के लिए कमर कस ली है। अब एक “टैप और चैट” के जरिए मुकेश अंबानी के जियोमार्ट से किराने का सामान ऑर्डर किया जा सकता है। इसकी डिलीवरी पूरी तरह से मुफ्त होगी। इसे वॉट्सऐप के जरिए आप कर सकते हैं।  

चूंकि वॉट्सऐप पहले से ही कंज़्यूमर्स में काफी लोकप्रिय है। इसलिए खरीदारी के मोर्चे के रूप में यह लोगों को जाना पहचाना सा लगेगा। वॉट्सऐप को करोड़ों भारतीय पहले से ही मनोरंजन के लिए दिन में कई बार उपयोग करते हैं। खरीदारी शुरू करने के लिए नए ऐप को डाउनलोड करने या नेविगेट करने का तरीका नहीं सीखना होगा। रिलायंस को उम्मीद है कि किराना दुकान चलाने, जो देश के कोने कोने में आवश्यक रूप से मौजूद हैं, वे भी इसकी ओर आसानी से आकर्षित होंगे। क्योंकि उनके अधिकांश ऑपरेटर पहले से ही वॉट्सऐप पर हैं।  

जियोमार्ट ने 90 सेकंड का ट्यूटोरियल और कैटलॉग वॉट्सऐप पर भेजकर लोगों को बताना शुरू किया है। इसने इसमें कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म से डिलीवरी मुफ्त है। इसके लिए कम से कम ऑर्डर की कोई शर्त भी नहीं है। इसमें यह भी बताया जा रहा ही कि यहाँ फल, सब्जियां, अनाज, टूथपेस्ट, पनीर, चीज और चने का आटा जैसे खाना पकाने के सभी सामान उपलब्ध हैं।  

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के अनुसार, अंबानी के ग्रुप ने 87 डॉलर वाले बेसिक स्मार्टफोन की लॉन्चिंग कर बाजार के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने के लिए अपना कदम बढ़ाया है। इस फोन में जियो मार्ट और वॉट्सऐप ऐप प्रीलोड होकर आता है। इसे गूगल के साथ साझेदारी में बनाया गया है। ग्राहक इन सबकी खरीदारी चाहें तो पेमेंट ऐप के माध्यम से कर सकते हैं। या फिर ऑर्डर प्राप्त करने बाद कैश ऑन डिलीवरी कर सकते हैं।  

मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म यूनिट में करीब 6 अरब डॉलर का निवेश किया था। अब जियो ने यह कदम उसके 19 महीने बाद उठाया है। यह सेवा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए देश के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर जियो ने काफी तैयारी की है। डिलीवरी को अंजाम देने के लिए यह रिलायंस रिटेल के जरिए दांव खेलेगी। वॉट्सऐप के देश में लगभग 53 करोड़ और जियो के 42.5 करोड़ ग्राहक हैं।

वॉट्सऐप का ग्रॉसरी विकल्प रिलायंस के जियो मार्ट के साथ आता है। इसे 2020 की गर्मियों में 200 शहरों में लॉन्च किया गया था। पर इससे पहले ही कई ग्लोबल प्लेयर भारत के ई-कॉमर्स स्पेस में कूद चुके हैं। ऑनलाइन रिटेल के तेजी से बढ़ते सेगमेंट के बावजूद ग्रॉसरी पर उतना फोकस नहीं किया गया है। इसलिए अभी भी इसे टैप करने के बहुत सारे अवसर मौजूद हैं।  

अमेजन और वॉलमार्ट के अलावा, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प का ग्रोफर्स, गूगल समर्थित डूंज़ो और स्विगी जैसे कई घरेलू स्टार्टअप हैं। इसके अलावा टाटा ग्रुप द्वारा हाल ही में खरीदे गए बिग बास्केट जैसे प्लेयर्स ने डिस्काउंट और फास्ट डिलीवरी का वादा कर इस क्षेत्र में प्रतियोगिता का एक नया दौर शुरू कर दिया है।

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