डिजिटल करेंसी को बैंक नोट के तहत शामिल करने का प्रस्ताव मिला, सरकार ने दिया बयान

मुंबई- सरकार ने सोमवार को कहा कि उसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से बैंक नोट की परिभाषा के तहत डिजिटल करेंसी को शामिल करने का प्रस्ताव मिला है। अक्टूबर में RBI ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का प्रस्ताव पेश किया था। CBDC डिजिटल करेंसी मूल रूप से वैध करेंसी होगी। जैसे भारत में रुपए का डिजिटल वर्जन है। 

वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि CBDC की शुरूआत में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करने की क्षमता है। जैसे कि इससे नकदी पर कम निर्भरता होगी। लेन-देन की लागत भी कम होगी। मंत्रालय ने कहा कि यह संभवतः अधिक मजबूत, कुशल, भरोसेमंद, रेगुलेटेड और कानूनी निविदा-आधारित भुगतान (legal tender based) पेमेंट की ओर ले जाएगा। 

हालांकि, मंत्रालय ने नोट किया कि इसमें कुछ जोखिम भी शामिल हैं। इसका काफी सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। एक अन्य उत्तर में केंद्र सरकार ने कहा कि कि देश में बिटकॉइन को करेंसी के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। क्योंकि निवेशक रेगुलेटरी बॉडी से ज्यादा क्लेरिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं। 

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने बिटकॉइन के लेन-देन का कोई आंकड़ा कलेक्ट नहीं किया है। सरकार इसी सत्र में क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 को पेश करने वाली है। इसमें सरकार या तो क्रिप्टोकरेंसी को बैन करेगी या फिर इसे सही तरीके से रेगुलेट करने की बात कर सकती है।  

इस महीने की शुरुआत में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रिज़र्व बैंक, वित्त मंत्रालय और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अधिकारियों के साथ क्रिप्टोकरेंसी पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बीच, RBI ने मैक्रो-इकोनॉमिक और वित्तीय स्थिरता जोखिमों (financial stability risk) पेश करने वाली क्रिप्टोकरेंसी पर बार-बार चिंता जताई है। 

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