भारतीय शेयर बाजार में 7 महीने में दूसरी बार सबसे बड़ी गिरावट

मुंबई- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सेंसेक्स में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन में 2.87% या 1,650 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मूल वजह कोरोना का नया वैरिएंट बताया जा रहा है। पिछले 7 महीने में बाजार की यह दूसरी बार सबसे बड़ी गिरावट है। 18 अक्टूबर को सेंसेक्स 61,765 पर बंद हुआ था। यह जनवरी में 48 हजार पर बंद हुआ था। 19 अक्टूबर को इसने 62,245 का रिकॉर्ड बनाया था। तब से सेंसेक्स 5 हजार पॉइंट्स या 8% गिर चुका है।  

30 शेयर्स वाला BSE इंडेक्स 57,107 पर बंद हुआ। सेंसेक्स को गिराने में इंडसइंड और मारुति का सबसे ज्यादा योगदान रहा। इंडसइंड बैंक का शेयर 6.01% टूटकर बंद हुआ। मारुति, टाटा स्टील, HDFC, NTPC, बजाज फाइनेंस जैसे शेयर्स में भी भारी गिरावट रही। जबकि नेशनल स्टॉक का निफ्टी 510 पॉइंट्स या 2.91% गिरकर 17,026 पर बंद हुआ।  

कुछ यूरोपियन देशों ने कोरोना केस बढ़ने की वजह से पहले से ही एंटी वायरस नियंत्रण को इस हफ्ते शुरू कर दिया है। ऑस्ट्रिया ने 10 दिनों का लॉकडाइन लगाया है। इटली ने बिना वैक्सीन वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही जर्मनी और डेनमार्क से बचने की सलाह दी है। 27 देशों वाले यूरोपियन यूनियन ने अपने देशों में यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। यूके ने भी दक्षिण अफ्रीका और उसके करीब वाले 5 देशों से फ्लाइ्ट्स के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

दरअसल शुक्रवार को ग्लोबल बाजारों में भारी गिरावट आई। साथ ही कच्चे तेलों की कीमतें 80 डॉलर प्रति डॉलर के नीचे चली गई। यूरोपियन शेयर बाजार 2.7% गिरे। सितंबर 2020 के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट इन बाजारों में है। इनमें ट्रैवेल और लेजर सेक्टर से संबंधित शेयर्स में भारी गिरावट रही। विदेशी निवेशकों ने लगातार सातवें दिन बाजार से पैसा निकाला है। गुरुवार को इन निवेशकों ने 2,300 करोड़ और शुक्रवार को 5,785 करोड़ रुपए भारतीय बाजार से निकाले थे। इस तरह से यह एक नकारात्मक माहौल बाजार के लिए है।  

इस हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 4% या 3,171 पॉइंट्स से ज्यादा टूटा है। इससे पहले सोमवार को ही बाजार में एक हजार पॉइंट्स से ज्यादा की गिरावट आई थी। उस दिन 2% बाजार टूटा था और 58,466 पर बंद हुआ था। अगर हम इन सभी पॉइंट्स को देखें तो सितंबर अक्टूबर में बाजार जिस तेजी से बढ़ा था, उसी तेजी से इसमें गिरावट आ रही है। खासकर नवंबर की शुरुआत से।  

बाजार की गिरावट से शुक्रवार को ही अकेले मार्केट कैप में 7.35 लाख करोड़ रुपए की कमी आई है। लिस्टेड कंपनियों का मार्केट वैल्यूएशन शुक्रवार को 258.31 लाख करोड़ रुपए रहा। हालांकि यह अक्टूबर में 274 लाख करोड़ रुपए तक चला गया था। करीबन 16 लाख करोड़ रुपए की कमी इसमें आई है।  

कोरोना का नया वैरिएंट निवेशकों के लिए निश्चित तौर पर चिंता वाला है। इससे इकोनॉमी की रिकवरी में बाधा आ सकती है। हालांकि भारत में अभी तक इस तरह का मामला सामने नहीं आया है। लेकिन कुछ देशों से आने वाले यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार आगे भी शॉर्ट टर्म में दबाव में रह सकता है। हालांकि मध्यम से लंबी अवधि में यह सुधार दिखा सकता है।  

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