वैल्यूएशन की वजह से नहीं हुई सऊदी अरामको और रिलायंस की डील

मुंबई- देश की सबसे दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और सऊदी अरामको के बीच सौदा टूटने का खुलासा हो गया है। रॉयटर्स के हवाले से खबर है कि रिलायंस के ज्यादा वैल्यूएशन की वजह से सऊदी अरामको ने यह डील कैंसिल कर दी।

सऊदी अरामको रिलायंस के ओटूसी बिजनेस में 20 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदने वाली थी। यह सौदा 15 अरब डॉलर में तय हुआ था। रॉयटर्स के मुताबिक, रिलायंस के ऑयल टू केमिकल (ओटूसी) बिजनेस का ज्यादा वैल्यूएशन लगाया गया था। इसी वजह से दोनों के बीच बात बंद हो गई। सऊदी अरामको ने हालांकि डील टूटने के बाद कहा था कि वह भारत में अभी भी अवसर तलाश रही है और पार्टनरशिप करेगी। अरामको ने कहा कि भारत में लंबे समय के लिए ग्रोथ का नजरिया दिख रहा है।

रिलायंस ने डील टूटने के बाद कहा था कि वह इसकी फिर से वैल्यूएशन करेगी। रिलायंस ने खुद दो बार इस सौदे की समय सीमा तय की थी। पहली बार इसकी शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी। कंपनी ने कहा कि ओटूसी बिजनेस को अलग करने का वह आवेदन भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से वापस ले लेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, डील का टूटना ग्लोबल एनर्जी के माहौल को दिखाता है। तेल और गैस कंपनियां अब फॉसिल फ्यूल की जगह रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस कर रही हैं। रिलायंस ने जामनगर को अपने क्लीन एनर्जी बिजनेस से अलग करने में मुश्किल को ट्रांजेक्शन पूरा नहीं करने की वजह बताया। रिलायंस इस मामले में गोल्डमैन से सलाह ले रही थी। अरामको ने सिटी ग्रुप को सलाहकार नियुक्त किया था।

कोटक इक्विटीज ने रिलायंस के ओटूसी बिजनेस का एंटरप्राइज वैल्यू 61 अरब डॉलर बताया है। जबकि जेफरीज ने रिलायंस के एनर्जी बिजनेस के लिए 70 अरब डॉलर का वैल्यूशएन किया है। हालांकि पहले यह वैल्यूएशन 80 अरब डॉलर का था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *