बेटों के विवाद से बचने के लिए मुकेश अंबानी बना रहे हैं योजना, जानिए किसको क्या मिलेगा

मुंबई- एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी अपने उत्तराधिकारी की मजबूत योजना बना रहे हैं। उनकी कोशिश है कि ऐसा प्लान बनाया जाए, जिसमें आगे चलकर उनके बेटों और बेटी में कोई विवाद न हो। इसका कारण यह है कि खुद वे इसी रास्ते से गुजर चुके हैं।  

64 वर्ष के मुकेश अंबानी के दो बेटे और एक बेटी है। वे इनके बीच अपने करीबन 208 अरब डॉलर के बिजनेस को बांटना चाहते हैं। इसके लिए वे कई सालों से सक्सेशन प्लान तैयार कर रहे हैं। वे दुनिया भर के अमीरों के उत्तराधिकार प्लान को देख रहे हैं। इसमें वॉल्टन से लेकर कोच परिवार तक शामिल हैं।  

मुकेश अंबानी ने हाल के समय में अपनी इस योजना को रफ्तार देने की कोशिश की है। उनको दुनिया के दो बेहतरीन सक्सेशन प्लान पसंद आए हैं। इसमेँ एक वॉलमार्ट के वॉल्टन परिवार का मॉडल है। साल 1992 में कंपनी के फाउंडर सैम वॉल्टन की मौत के बाद उनके बिजनेस के ट्रांसफर को मैनेज किया गया था। दुनिया का सबसे अमीर परिवार वॉल्टन ने 1988 से ही कंपनी के रोजाना के बिजनेस को मैनेजर्स के हाथों में सौंप दिया था। इसके बाद इस पर नजर रखने के लिए एक बोर्ड बना दिया था। सैम के सबसे बड़े बेटे रॉब वॉल्टन और उनके भतीजे स्टूअर्ट वॉल्टन वॉलमार्ट के बोर्ड में शामिल हैं।  

सैम ने अपनी मौत से 40 साल पहले 1953 में ही सक्सेशन प्लान को शुरू किया था। इसके मुताबिक, उन्होंने बिजनेस का 80% हिस्सा 4 बच्चों में बांट दिया था। इसके तहत वे परिवार की होल्डिंग को एक ट्रस्ट में डालना चाहते हैं जो देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को नियंत्रित करेगी। इस नए ट्रस्ट में मुकेश अंबानी, नीता अंबानी और उनके तीनों बच्चों की हिस्सेदारी होगी। इसके बोर्ड में ये सभी लोग शामिल होंगे।  

योजना के मुताबिक, बोर्ड में अंबानी परिवार के जो सबसे करीबी लोग हैं, वे भी शामिल होंगे। रिलायंस कंपनी एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट के जरिए चलेगी। अभी तक मुकेश अंबानी सक्रिय रूप से कारोबार चला रहे हैं। उनके साथ उनके तीनों बच्चे भी कारोबार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके तीन बच्चों में आकाश, अनंत और ईशा हैं। ये तीनों लोग समय-समय पर रिलायंस के तमाम इवेंट्स में अपने कारोबार का प्रजेंटेशन करते आए हैं।  

देश में अब तक कॉर्पोरेट में सबसे बड़ा पारिवारिक विवाद मुकेश और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के बीच हुआ। इसका कारण यह था कि रिलायंस को शुरू करने वाले धीरूभाई अंबानी ने कोई उत्तराधिकारी योजना नहीं बनाई थी। साल 2002 में उनकी मौत के बाद दोनों भाईयों के विवाद सामने आ गए और इस वजह से रिलायंस को दो हिस्सों में बांटना पड़ा। अनिल के हिस्से में कम्युनिकेशन, पावर और कैपिटल बिजनेस आया। मुकेश को सबसे महत्वपूर्ण रिलायंस इंडस्ट्रीज मिल गई। हालांकि मुकेश ने बाद में टेलीकॉम, रिटेल और कई नए अन्य बिजनेस भी शुरू किए।  

आज मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी जियो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। जियो का वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपए जबकि रिलायंस रिटेल का 5.5 लाख करोड़ रुपए का वैल्यूएशन है। वे ई-कॉमर्स में भी बड़ा दांव खेल रहे हैं। दूसरी ओर अनिल अंबानी आज की तारीख में दिवालिया हैं। उनकी कंपनियां बिक रही हैं। वे हरसंभव अपनी कंपनियों को बचाने में लगे हैं। उनका मुंबई का हेडक्वॉर्टर भी अब यस बैंक ने ले लिया है। क्योंकि कंपनी बैंक का कर्ज नहीं चुका पाई। 63 वर्ष के अनिल अंबानी अभी भी 14-16 घंटे काम कर रहे हैं और अध्यात्म के रास्ते पर हैं।  

मुकेश अंबानी आज 95 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया में 11 वें नंबर के सबसे अमीर बिजनेसमैन हैं। जिस टेलीकॉम में अनिल दिवालिया हो गए, उसी टेलीकॉम में मुकेश आज बादशाहत दिखा रहे हैं। 2004 में जब अनिल और मुकेश का विवाद एकदम उफान पर आया तो कोकिलाबेन ने दोनों को समझाया। यह अलग बात है कि हाल में मुकेश अंबानी ने कई बार अनिल की मदद की, जिससे वे जेल जाने से बच गए। फिलहाल मुकेश अंबानी बिजनेस और सक्सेशन दोनों प्लान पर एक साथ काम कर रहे हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *