पेटीएम के अलावा ये दिग्गज शेयर लिस्टिंग में हुए थे फेल

मुंबई- पेटीएम का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO), लिस्टिंग के दिन निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करने में नाकाम रहा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ था, लेकिन आईपीओ सब्सक्रिप्शन को लेकर कमजोर प्रतिक्रिया और अधिक वैल्यूएशन के चलते यह शेयर बाजार में पहले ही दिन अपने 2150 रुपये के इश्यू प्राइस से 27 पर्सेंट गिरकर बंद हुआ।

इससे पहले भी कई शेयरों का ऐसा हाल हुआ है। साल 2008 में रिलायंस पावर (Reliance Power) के 10,123 करोड़ रुपये के आईपीओ को लेकर भी मार्केट में ऐसी ही हलचल थी। निवेशकों में बड़े पैमाने पर यह राय थी कि यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब दोगुना अधिक कीमत पर लिस्ट हो सकता है। यहां तक कि रिलायंस पावर के आईपीओ में निवेश करने के लिए काफी बड़ी रिटेलन निनेशकों ने अपने डीमैक अकाउंट खुलवाए। लेकिन रिलायंस पावर के IPO का हाल भी काफी कुछ पेटीएम के जैसा ही रहा।

रिलायंस पावर के आईपीओ को 72 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया था। इसके चलते कई लोगों की यह राय थी कि यह शेयर बाजार में काफी अधिक प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। रिलायंस पावर का शेयर मामूली प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ और इसके तुंरत बाद इसकी कीमत 17 पर्सेंट तक गिर गई। यह स्टॉक अपने पहले दिन 372 रुपये के भाव पर बंद हुआ और तब से लेकर आज तक यह कभी भी अपने इश्यू प्राइस के आसपास नहीं पहुंच पाया।

इसी तरह नवंबर 2015 में, कॉफी डे इंटरप्राइजेज के 1,150 करोड़ रुपये का आईपीओ 1.81 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ था, लेकिन लिस्टिंग के दिन इसकी कीमत 17 पर्सेंट तक गिर गया।

अप्रैल 2018 में ICICI सिक्योरिटीज के आईपीओ को भी निवेशकों की तरफ से काफी कमजोर प्रतिक्रिया देखने को मिली थी और आखिरी दिन तक यह सिर्फ 78 पर्सेंट ही सब्सक्राइब हो चुका। कमजोर सब्सक्रिप्शन के चलते कंपनी ने अपना आईपीओ साइज घटाकर 3,500 करोड़ रुपये कर दिया और इसके लिए 520 रुपये प्रति शेयर का भाव रखा। आखिरी दिन एंकर निवेशकों की बोली से इसका सब्सक्रिप्शन 87.9 पर्सेंट पहुंच गया। हालांकि इसके बावजूद इसका शेयर 16 पर्सेंट डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए।

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