LIC IPO के दौरान शेयर बाजार में हो सकती है बिकवाली, गिरावट में जा सकता है बाजार

मुंबई- LIC के IPO के दौरान बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस IPO में निवेश के लिए निवेशक अपने शेयर बेचकर भारी-भरकम रकम निकाल सकते हैं। इसकी वजह से बाजार पर दबाव दिख सकता है।  

एक सूत्र ने कहा कि जब बाजार से इतने बड़े पैमाने पर रकम निकाली जाएगी तो इसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिखेगा। खासकर छोटे निवेशकों से लेकर बड़े निवेशक इसी तरह का काम कर सकते हैं। वैसे यह साल IPO के लिहाज से सुपर हिट रहा है। यही कारण है कि विदेशी निवेशकों ने इस साल बाजार की जबरदस्त तेजी के बावजूद रकम निकाले हैं।  

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) IPO से 80 हजार से एक लाख करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। इसका इश्यू जनवरी से मार्च के दौरान आ सकता है। ऐसे में देश के इस सबसे बड़े इश्यू को खरीदने के लिए निवेशक बाजार से अपने मौजूदा शेयर्स को बेचकर रकम जुटाएंगे।  

आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशकों (FII) ने इस साल IPO में 46 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसमें सबसे ज्यादा निवेश जोमैटो में रहा। जोमैटो में 2,759 करोड़ रुपए का निवेश था। नायका में इन निवेशकों ने 1,570 करोड़ रुपए, पॉलिसीबाजार में 1,412 करोड़ रुपए, अप्टस वैल्यू में 1,127 करोड़ रुपए और केमप्लास्ट में 899 करोड़ रुपए का निवेश किया है। फिनो पेमेंट्स बैंक में 707 करोड़ रुपए, विजया डायग्नोस्टिक में 655 करोड़ रुपए, ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेस में 578 करोड़ रुपए, नुवोको विस्टा में 536 करोड़ और देवयानी इंटरनेशनल में 526 करोड़ रुपए का निवेश किए हैं।  

LIC ने इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर्स तय कर लिए हैं और ये बैंकर्स विदेशी निवेशकों के साथ बात कर रहे हैं। LIC के अधिकारी पहले ही विदेशी निवेशकों के साथ बात करने के लिए विदेश दौरा भी कर चुके हैं। LIC और सरकार किसी भी हालात में यह नहीं चाहती है कि इस इश्यू में कोई दिक्कत आए। क्योंकि अगर यह इश्यू फेल हो गया तो फिर यह बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है। इसलिए पहले ही संस्थागत निवेशकों और विदेशी निवेशकों के साथ LIC निवेश को लेकर बात पक्का कर लेना चाहती है।  

वैसे LIC के पास 32 करोड़ पॉलिसीज हैं। 12 लाख एजेंट हैं। इश्यू में पॉलिसी धारकों के लिए 10% हिस्सा रिजर्व होगा। इसलिए LIC को एक बड़ा निवेशक उसके पॉलिसी धारक के रूप में मिल जाएगा। साथ ही इसके 1.15 लाख कर्मचारी भी हैं, जिन्हें डिस्काउंट पर शेयर मिल सकता है।  

विदेशी निवेशकों के आंकड़ों को देखें तो इन्होंने भारतीय शेयर बाजार से अक्टूबर में 25,572 करोड़ रुपए, अगस्त में 2,568, जुलाई में 23,193 करोड़ और मई में 6 हजार करोड़ रुपए की निकासी की है। अप्रैल में 12 हजार करोड़ से ज्यादा की निकासी की थी। पिछले एक साल में बाजार में नए निवेशक 2 करोड़ से ज्यादा आए हैं। ये निवेशक लंबे समय तक निवेश नहीं करते हैं। इन निवेशकों का आइडिया कम समय में अच्छा पैसा बनाकर निकलने का है।  

बाजार के जानकार कहते हैं कि ऐसे निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव पर बहुत असर डालते हैं। हो सकता है कि LIC IPO के लिए यह निवेशक भी अपने पैसे निकाल लें। हालांकि LIC ऐसा ब्रांड है कि उसके लिए हर कोई पैसा लगाना चाहेगा। ऐसे में बाजार में भारी बिकवाली होगी और इससे बाजार पर बुरा दबाव बनेगा। ऐसी स्थिति में मार्केट अगर ज्यादा टूटा तो यह एक बड़ी चिंता पैदा कर सकता है।  

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