भारत में रोड एक्सीडेंट पर 15 से 38 अरब डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी

मुंबई- भारत में सड़क दुर्घटना के लिए बड़ी कीमत चुकानी होती है। पिछले 20 सालों में करीबन 15 से 38 अरब डॉलर की कीमत इसके लिए चुकाई गई है। यह जानकारी बॉश के एक सर्वे में दी गई है।  

बॉश ने भारत के एडवांस्ड ऑटोनोमस सेफ्टी सिस्टम के आधार पर सर्वे किया है। इसने कहा है कि भारत में सोशियो और इकोनॉमिक के रूप में 15.71 से 38.81 अरब डॉलर की कीमत चुकाई गई है। इसने ग्लोबल लेवल पर पिछले 20 सालों के आंकड़ों के आधार पर यह बात कही है। सर्वे में पता चला है कि रोड सेफ्टी नीतियों और बिजनेस की रणनीति तथा नए प्रोडक्ट की पहचान करनी चाहिए। ताकि इस तरह की दुर्घटना को टाला जा सके।  

बॉश ने कहा कि रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट भारत में बड़े पैमाने पर होता है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की तुलना में एक्सीडेंट पर 0.55 से 1.35% की कीमत चुकानी होती है। सर्वे के मुताबिक, भारत में 2019 में करीबन 7.81 लाख गाड़ियों का एक्सीडेंट हुआ था। इस वजह से 0.57 से 1.81 अरब डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी।  

दो पहिया वाहन की दुर्घटना के कारण 1.87 करोड़ डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी जबकि बसों की दुर्घटना के कारण 3.96 करोड़ डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी थी। कमर्शियल व्हीकल की दुर्घटना में डैमेज कॉस्ट 35.6 करोड़ डॉलर रही। जबकि कार से होनेवाली दुर्घटना के लिए 6.98 करोड़ डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी।  

2019 में रोड ट्रैफिक में हुए एक्सीडेंट के कारण 0.82 से 1.93 अरब डॉलर की रकम मेडिकल के रूप में देनी पड़ी। इसी तरह सड़क दुर्घटना में पुरुषों की मौत की वजह से 10.9 अरब डॉलर की प्रोडक्टिविटी का घाटा हुआ। गंभीर रूप से घायल होने की वजह से 12.3 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ जबकि मामूली घायल होने की वजह से 1.4 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ। रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट सोशल, मेडिकल और इकोनॉमिक लागत पर बुरी असर डालता है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।  

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