इस बार त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री में आएगी तेजी, सस्ता सोना बना पसंद

मुंबई- त्योहारों के मौजूदा सीजन में सराफा बाजार गुलजार रहने की संभावना है। कोविड से जुड़ी पाबंदियां हटाए जाने के बीच सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर से 16.4% नीचे आ गई है। इसके चलते सोना 9,200 रुपए प्रति 10 ग्राम तक सस्ता मिल रहा है। इसके अलावा त्योहारों के बाद शादियों का सीजन शुरू होगा, जिसके लिए अभी से खरीदारी हो रही है। 

अच्छे कारोबार की उम्मीद में देशभर के ज्वेलर्स भी तैयारी कर रहे हैं। त्योहारी सीजन में गहनों की सबसे ज्यादा बिक्री होती है। इस बीच धनतेरस आता है, जब सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। ज्वेलरी इंडस्ट्री के जानकारों का अनुमान है कि इस साल त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री कोरोना-पूर्व यानी 2019 की समान अवधि की तुलना में 15% तक अधिक होगी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर 2019 के दौरान देश में 194.3 टन सोना बिका था। इस साल की समान तिमाही में 223.1 टन सोना बिक सकता है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले साल सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी, लॉकडाउन और शादी-ब्याह टलने के कारण लोग सोना खरीदने से बच रहे थे। इसके चलते पिछला त्योहारी सीजन फीका रहा था। लेकिन इस साल वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने के स्पष्ट संकेतों के चलते निवेश के लिए सोने की मांग घटी है। नतीजतन कीमतों में गिरावट का रुझान है। अभी देश में 24 कैरेट सोना 47,335 रुपए है, जबकि पिछले साल दिवाली के समय इसका भाव 50,849 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले साल 7 अगस्त को शुद्ध सोना (24 कैरेट) 56,126 रु. और जेवराती सोना (22 कैरेट) 51,411 रु. प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था। मंगलवार को शुद्ध सोने की कीमत 47,335 रुपए और जेवराती सोने की कीमत 43,359 रु. प्रति 10 ग्राम रही। यानी फिलहाल सोना रिकॉर्ड स्तर से प्रति 10 ग्राम 8,791 रुपए तक सस्ता मिल रहा है। 

टाइटन कंपनी की चीफ डिजाइन ऑफिसर रेवती कांत ने कहा कि इस साल शोरूम आकर गहनों की खरीदारी बढ़ गई है। उन्होंने कहा, ‘कोविड की तीसरी लहर का खास डर नहीं दिख रहा है। इस बीच प्रीमियम रेंज की खरीदारी काफी बढ़ गई है। हमें उम्मीद है कि बिक्री के लिहाज से यह सीजन पिछले साल से बेहतर रहेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि लोग एक ही कैटेगरी में मल्टीपल ज्वेलरी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 

स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के एनालिस्ट सुकी कूपर कहते हैं कि इकोनॉमी में तेजी आने के साथ देश में सोने का आयात बढ़ा है। पेंट-अप डिमांड भी ऊंचे स्तर बनी हुई है। निवेश मांग की कमी के चलते फिजिकल मार्केट में सोने की कीमत कम ही रहने वाली हैं।

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