त्योहारी सीजन में बढ़ रही है ज्वेलरी की खरीदारी, पर उम्मीद बहुत ज्यादा बिक्री की नहीं

मुंबई- नवरात्रि के साथ त्योहारी सीजन की शुरुआत हो गई है। यहां से लेकर दीवाली तक सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। खासकर नवरात्रि के पहले दिन और फिर दीवाली के समय ज्यादातर लोग सोने और चांदी की खरीदी करते हैं। मुंबई के जवेरी बाजार सहित बांद्रा, अंधेरी और घाटकोपर में ज्वेलरी व्यापारियों को इस बार उम्मीद बहुत ज्यादा नहीं दिख रही है।

ज्वेलरी में कोई नया ट्रेंड तो नहीं आया है, पर ज्वेलर्स का मानना है कि अभी इस बार ज्यादातर ग्राहक बहुत सावधानी से और जरूरी वाले आइटम पर ही फोकस कर रहे हैं। जवेरी बाजार में कारोबार करने वाले कुमार जैन कहते हैं कि कोरोना के बाद लोगों का उत्साह तो दिख रहा है। शादियों में जहां कम मेहमानों की वजह से खर्चे बचे, कोरोना में लोगों का खर्च कम हुआ, तो लोग अब सोने की ओर थोड़ा निवेश करना चाहते हैं। अभी तक हमें जो ग्राहकों की भीड़ दिख रही है, लग रहा है कि इस साल अच्छा बिजनेस होना चाहिए।

ज्वेलर्स के मुताबिक, ग्राहक तो आ रहे हैं, पर औसत दर्ज की खरीदी हो रही है। ग्राहकों की संख्या में कमी नहीं है। हो सकता है कि अभी आने वाले दिनों में ज्यादा खरीदारी दिखे। दरअसल मुंबई के जवेरी बाजार के साथ-साथ गुजराती बहुल इलाके बोरीवली, घाटकोपर, अंधेरी और बांद्रा में ज्वेलर्स की अच्छी खासी दुकानें हैं। यहां पर त्रिभुवनदास भीमजी जवेरी, पी.एन. गाडगिल, तनिष्क जैसे ज्वेलर्स हैं।

ग्राहकों के मुताबिक, फिलहाल उनका फोकस बस जरूरी सामानों पर है। चूंकि त्योहारी सीजन में गहनों की खरीदी शुभ माना जाता है, इसलिए वे कुछ खरीदने आई हैं। पर उनका बजट 1 तोले से भी कम की खरीदी का है। मालाड में अर्चना पाठक की भी कुछ इसी तरह की राय है। वे कहती हैं कि खरीदारी तो करनी ही है। पर हमें अपना बजट भी देखना होगा।

वैसे सोने की कीमतों से किसी को शिकायत नहीं है। पाठक कहती हैं कि सोने की कीमतें देखें तो पिछले साल की ही तरह हैं , बल्कि कम ही हैं। अगर यह ज्यादा होती तो वजन में कम सोना खरीदते, पर सोने का भाव अभी ठीक –ठाक है। फिलहाल ज्वेलर्स अपनी दुकान 10-10.30 बजे खोल तो देते हैं, पर ग्राहकों का आना जाना दोपहर 1 बजे के बाद ही शुरू हो रहा है।

कुछ दुकानदारों का कहना है कि ज्वेलर्स की दुकानें 9 बजे से पहले बंद करने का आदेश है। इसलिए ग्राहकों के लिए यह थोड़ा दिक्कत वाला काम है। उनका कहना है कि दुकानों को खोलने का समय 10 बजे तक रहता तो अच्छा होता। 9 बजे बंद करने का मतलब कि 8.30 के बाद ग्राहकों को दुकान के अंदर नहीं लिया जाता है और 8.45 तक सबको बाहर कर दिया जाता है।

वैसे त्योहारों के बीच देश में सोने की मांग पटरी पर लौट आई है। सितंबर में 91 टन सोने का आयात हुआ था। यह सितंबर 2020 के मुकाबले 658% और कोविड महामारी शुरू होने से पहले यानी सितंबर 2019 के मुकाबले 250% ज्यादा है। पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमतों में 20% कमी और इस साल त्योहारों में बेहतर मांग की संभावना ने सोना आयात बढ़ा दिया है।

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