उत्तर प्रदेश में मुर्दे भी ले रहे हैं किसान सम्मान का पैसा, 55 हजार किसानों को नहीं मिलेगा पैसा

मुंबई- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद अपात्र किसानों से रिकवरी की जा रही है। यूपी के बरेली में ही 55,243 अपात्र किसान जांच में पकड़े गए हैं। ये ऐसे अपात्र हैं जो किसान होने के साथ सरकारी नौकरी में थे या कोई कारोबार कर रहे थे। इसके बाद भी उनके खाते में पीएम किसान योजना के तहत पैसा जा रहा था। 

सितंबर महीने में जिला स्तर पर जांच कराई गई जिसमें यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इस मामले में जिला कृषि विभाग की ओर से अपात्रों को रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। रिकवरी के बाद इस पैसे को भारत सरकार के कोष में जमा कराया जाएगा। तीन महीने पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के संबंध में फर्जीवाड़ा की शिकायतें केंद्र सरकार के पास पहुंची थीं। बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो किसान नहीं बल्कि सरकारी नौकरी में है या बिजनेस कर रहे हैं। इसके बाद भी उनके खाते में पैसा आ रहा था। 

बरेली में 2,34,010 आयकर दाता, 32,393 मृतक, 3,86,250 गलत खाता पकड़े गए। 57,987 अपात्र और 68,540 अवैध आधार कार्ड मिले। प्रदेश में 7,79,180 अपात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। बरेली जिले में 16707, बदायूं में 15743, पीलीभीत में 12817 व शाहजहांपुर में 9,976 लोग सम्मान निधि के अपात्र चुने गए हैं। इससे पहले यूपी के मैनपुरी जिले में सरकार ने 9219 अपात्र किसानों को नोटिस जारी कर पीएम किसान का पैसा जमा कराने के आदेश दिया है। इन मामलों में ज्यादातर फर्जीवाड़े में पति-पत्नी से लेकर मृतक किसान, गलत खाते में धनराशि फंड ट्रांसफर, गलत आधार, टैक्स देने वाले किसान, पेंशनधारक जैसे मामले शामिल है। 

अगर आपके घर में भी एक ही जमीन पर एक से अधिक परिवार के सदस्य पीएम किसान के तहत किश्त ले रहे हैं तो आपको 2000 रुपये की किश्त का पैसा वापस करना होगा। जैसे मान लीजिए अगर किसी परिवार में एक ही जमीन पर मां, पिता, पत्नी और बेटे पीएम किसान की किश्त पा रहे हैं तो उन्हें पैसा सरकार को वापिस लौटाना होगा। नियमों के तहत परिवार का एक ही सदस्य पीएम किसान के तहत किश्त पा सकता है। उन पर फ्रॉड का मामला दर्ज हो सकता है और ऐसे मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

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